बगदरा अभ्यारण्य में खुलेआम अवैध उत्खनन, प्रतिबंध के बावजूद 10 स्थानों पर मिट्टी की लूट
सिंगरौली जिले के बगदरा अभ्यारण्य क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। अभ्यारण के अंतर्गत आने वाले जिन बीटों का उल्लेख किया गया है, वहां कम से कम 10 अलग-अलग स्थानों पर अवैध मिट्टी उत्खनन किया गया है। जबकि यह क्षेत्र कानून, रेत खनन, उत्खनन एवं परिवहन के लिए पूर्णत: प्रतिबंधित घोषित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बगदरा अभ्यारण्य के माची बीट और जगमार बीट अंतर्गत आने वाले ग्राम बकिया क्षेत्र में भारी मशीनों के माध्यम से मिट्टी की खुदाई की गई। यह कार्य दिन के उजाले में और कुछ स्थानों पर रात के अंधेरे में भी किया गया। अवैध उत्खनन के बाद मिट्टी का परिवहन कर उसे निर्माण कार्यों में उपयोग किया गया, जो सीधे तौर पर वन्य जीव संरक्षण अधिनियम एवं पर्यावरण संरक्षण कानूनों का उल्लंघन है। अभ्यारण्य क्षेत्र का उद्देश्य वन्य जीवों का संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखना और प्राकृतिक संपदा की रक्षा करना होता है। लेकिन यहां स्थिति इसके बिल्कुल विपरित नजर आ रही है। अवैध उत्खनन से न केवल जंगल की जमीन को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि इससे वन्य जीवों के आवास, जल स्रोतों और जैव विविधता पर भी गंभीर असर पड़़ रहा है। मिट्टी हटने से वर्षा जल का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे भविष्य में जल संकट और कटाव जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में अवैध उत्खनन और परिवहन जारी है, लेकिन संबंधित विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार कई बार इस संबंध में मौखिक शिकायतें की गईं, इसके बावजूद न तो उत्खनन रोका गया और न ही दोषियों पर कार्रवाई हुई। इससे यह आशंका भी गहराती जा रही है कि कहीं न कहीं जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत इस अवैध गतिविधि को संरक्षण दे रही है। नियमों के अनुसार अभ्यारण्य क्षेत्र में किसी भी प्रकार की खनन गतिविधि बिना वैधानिक अनुमति के पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद एक निजी कंपनी द्वारा इस प्रकार खुलेआम खुदाई किया जाना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह मामला केवल पर्यावरण क्षति तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी नियमों की अवहेलना और प्राकृतिक संसाधनों की लूट का भी प्रतीक बन गया है।
खुलेआम मची है मिट्टी की लूट
बगदरा अभयारण्य जहाँ खनन पूरी तरह प्रतिबंधित है, वहाँ खुलेआम मिट्टी की लूट हो रही है। ग्राम बकिया क्षेत्र के अंतर्गत कई जगहों पर भारी मशीनों से खुदाई की गई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लंबे समय से यह गतिविधि जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह बगदरा अभयारण्य का हिस्सा है। यहाँ पर कम से कम 10 जगह मिट्टी का अवैध उत्खनन किया गया। वन नियमों की अनदेखी करके प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुँचाया जा रहा है। सवाल यह है कि क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा।
उच्च स्तरीय जांच की उठी मांग
पर्यावरण प्रेमियों और जागरूक नागरिकों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो बगदरा अभ्यारण्य का अस्तित्व ही खतरे में पड़ सकता है। आवश्यकता है कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, अवैध खनन स्थल को सील किया जाए और हुए नुकसान का आंकलन कर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति वसूली जाए। वहीं जिले के बगदरा अभयारण्य में अवैध मिट्टी उत्खनन का गंभीर मामला सामने आया है।
प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद माची और जगमार बीट में करीब 10 स्थानों पर खुदाई की गई है। नियमों के खुले उल्लंघन से पर्यावरण और वन्य जीवों पर खतरा बढ़ गया है। अब सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग कब कार्रवाई करेगा।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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