महाकौशल शुगर मिल बचई मामले में मचा बवाल आखिर क्या है पूरा मामला ?
नरसिंहपुर जिला इन दिनों सुर्खियों में है मामला नरसिंहपुर जिले की बचई स्थित महाकौशल शुगर मिल से है मंगलवार को उपजे उपद्रव मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मिल संचालक नवाब रजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उपद्रव करने वाले युवक मध्यप्रदेश शासन लिखे वाहन से आए थे।
महाकौशल शुगर मिल संचालक नवाब रजा ने बताया कि मुंगवानी पुलिस ने उपद्रवियों को उनके वाहन सहित हिरासत में लिया था, लेकिन कुछ समय बाद छोड़ दिया ! उन्होंने आरोप लगाया कि अब पुलिस उपद्रवियों पर कार्रवाई करने के बजाय मिल प्रबंधन और कर्मचारियों पर मामला दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
गुरुवार को प्रेसवार्ता में नवाब रजा ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ दर्जन युवक जबरन मिल के मुख्य द्वार को तोड़कर अंदर घुसे और तौल कांटा बंद करा दिया। नवाब रजा ने दावा किया कि उनके धमना स्थित खरीदी केंद्र को भी जबरन बंद करा दिया गया। इससे उन्हें संदेह है कि कुछ प्रभावशाली लोग सुनियोजित तरीके से उनकी मिल को बाधित करना चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस अधिकारी दबाव में काम कर रहे हैं और उचित कार्रवाई नहीं कर रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नवाब रजा ने पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल एवं कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल पर भी गंभीर आरोप लगाए है।
मिल संचालक ने शासन-प्रशासन से अपने परिवार और कर्मचारियों की सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो वे मिल बंद करने को मजबूर होंगे। मामले की जांच किसी बाहरी एजेंसी या न्यायिक विभाग को सौंपकर एक सप्ताह में पूरी कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे मिल संचालन बंद करने को मजबूर होंगे।
वहीं इस मामले में पूर्व राज्यमंत्री जालम सिंह पटेल ने मिल प्रबंधक नवाब रजा के लगाए आरोपों को पूरी तरह निराधार, असत्य और सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र बताया है।
शुक्रवार को विधायक निवास में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व राज्य मंत्री जालम सिंह पटेल ने कहा कि पहली बार किसी व्यक्ति ने बिना तथ्य और साक्ष्य के कैबिनेट मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और उनके खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि तथ्यों के बिना सीधे मीडिया में बयान देना स्वयं यह साबित करता है कि यह मामला राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है।
पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल ने स्पष्ट किया कि यदि किसी के पास कोई सबूत है तो वह सामने आए, अन्यथा झूठे आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की, ताकि पूरा सच सामने आ सके।
इसी दौरान, जिला भाजपा अध्यक्ष रामस्नेही पाठक ने भी मिल प्रबंधन द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल की छवि हमेशा पारदर्शी और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप रही है। उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है ।
संवाददाता दीपक मालवीय


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