ठेकेदार की मनमानी : ढाई किमी की सड़क पर 67 लाख खर्च
सड़क उखड़ने से फिलकर गिरने का खतरा बढ़ा
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क उखड़ने से दोपहिया और चारपहिया वाहनों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है। आए दिन हादसे की आशंका बनी हुई है। गांव के लोगों ने घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार और लापरवाही बरतने वाले विभागीय अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत बने इस मार्ग की स्थिति ने विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई और गुणवत्ता की कोई जांच नहीं की गई। सड़क की ऊपरी परत जगह-जगह से उखड़ रही है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही बरती गई है।
भाजपा नेता ने की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग
इस पूरे मामले में बीजेपी नेता शिवप्रताप सिंह ने भी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि बांकी गांव के लगभग 90 प्रतिशत लोग बीजेपी को वोट देते हैं, इसके बावजूद अगर सड़क निर्माण में इस तरह की लापरवाही हो रही है तो अन्य गांवों की स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विभागीय अफसर और ठेकेदार कमीशनखोरी के चक्कर में सरकार को बदनाम करने में लगे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
जांच के बाद दोषियों पर होगी कार्रवाई : ईई
सड़क निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत किया गया है। इस संबंध में विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) परीक्षित सूर्यवंशी का कहना है कि शिकायत उनके संज्ञान में आई है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल बांकी गांव के ग्रामीण सड़क की दोबारा गुणवत्ता जांच और पुनर्निर्माण की मांग पर अड़े हुए हैं।

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