नेहरू शताब्दी अस्पताल में बेकाबू दबंगई, ऑपरेशन थिएटर से घर तक हमला


नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत में शुरू हुआ विवाद अब अस्पताल की चारदीवारी से निकलकर फरियादी के घर तक पहुंच गया है। मामला न सिर्फ  एक डॉक्टर के साथ ऑपरेशन थिएटर में मारपीट और धमकी का है, बल्कि अब आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर फरियादी की बेटी पर भी हमला करने का प्रयास किया। इस सनसनीखेज मामले में सीसीटीव्ही कैमरों में घटना के कुछ अहम वीडियो फुटेज उपलब्ध होने की बात सामने आई है।

जयंत पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के फरियादी रवि शाह पिता स्व. ओमप्रकाश शाह उम्र 44 वर्ष निवासी जोधपुर राजस्थान  वर्तमान में नेहरू शताब्दी चिकित्सालय जयंत में पदस्थ हैं। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि 25 दिसंबर को सुबह करीब 11:30 बजे वह ऑपरेशन थिएटर में अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान नितिन चौरसिया और उनकी पत्नी डॉ. मोलिना चौरसिया जबरन ऑपरेशन थिएटर में घुस आए और कथित तौर पर तीन दिन का पेमेंट कटने का आरोप लगाते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।

विरोध करने पर दोनों ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। शोर सुनकर ओटी स्टाफ  दिनेश शर्मा, भुवनेश, डॉ. महेश और ओटी असिस्टेंट कृष्णा कुमार ने बीच-बचाव किया, तब जाकर मामला शांत हुआ। जाते-जाते आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। मारपीट से फरियादी के सिर, बाएं कंधे और पीठ में चोट आई हैं। इतना ही नहीं, फरियादी का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उनके घर में घुस आए और उनकी बेटी के साथ भी मारपीट करने का प्रयास किया। इस दौरान की गतिविधियां घर और आसपास लगे सीसीटीव्ही कैमरों में कैद हुई हैं,  जिनके कुछ एनएस वीडियो पुलिस के पास उपलब्ध बताए जा रहे हैं। यह तथ्य मामले को और गंभीर बना देता है। पूरा प्रकरण अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। खासतौर पर प्रभारी नेहरू चिकित्सालय डॉ. पंकज कुमार की भूमिका को लेकर चर्चाएं तेज हैं। आरोप है कि उनकी चुप्पी और कथित संरक्षण के कारण आरोपी इतने बेखौफ  नजर आए। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर बीएनएस की धारा 296, 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। यह मामला अब सिर्फ एक डॉक्टर से मारपीट का नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही की अग्निपरीक्षा बन चुका है।

संवाददाता :- आशीष सोनी