मध्यप्रदेश का जल नहीं है निर्मल! मुरैना में गोबर जैसे रंग का मिल रह पानी
मुरैना में नलों से आ रहा गंदा पानी
इंदौर में दूषित पानी से हुई एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत की घटना के बाद मुरैना जिला प्रशासन भी सचेत हो गया है। कलेक्टर लाेकेश कुमार जांगिड़ सोमवार को शहर के कुछ हिस्सों में पेयजल की गुणवत्ता, पानी की पाइपलाइनों व नालों की हालत देखने शहर में निकले। कलेक्टर शहर की तीन दिशाओं में अलग-अलग हिस्सों में गए, जहां गए वहां नलों से दूषित पानी आने की शिकायत मिली। कहीं फूटी पाइपलाइन तो कहीं पानी के साथ गोबर व सीवर जैसी बदबू आने की शिकायत मिली।
कलेक्टर सबसे पहले पुलिस लाइन, लक्ष्मण तलैया क्षेत्र में पहुंचें। यहां खुले नालों के बीच फूटी पानी की पाइप लाइन मिली। रहवासियों ने नलों से दूषित पानी आने की शिकायत की। इसके बाद कलेक्टर वार्ड 37 वनखंडी रोड, कैप्टन वाली गली में पहुंचे। इस गली में एंट्री करते ही हर घर से गंदे पानी की शिकायतें मिलीं।
प्रेमाबाई शर्मा नाम की बुजुर्ग महिला ने कलेक्टर जांगिड़ को बेटा कहते हुए बताया कि नलों से गंदा पानी आता है। बदबू आती है। इस पानी से भगवान की पूजा भी नहीं कर पाते। पीने के लिए पानी खरीदना पड़ता है।
सोनू नाम के युवक ने कलेक्टर को बताया, कि नलों से पानी सप्लाई हाेता है तो शुरू में गोबर जैसे रंग का पानी निकलता है, जिससे बदबू आती है। कुछ देर बाद पानी का रंग साफ हो जाता है, लेकिन उसमें गोबर के छोटे-छोटे कण निलकते हैं, जिन्हें देख पानी से कुल्ला करने का मन नहीं होता।
लता खटीक ने घर की पानी की टंकी बताते हुए कहा कि पूरे पानी से बदबू आती है। कई दिन से यह पानी आ रहा, इसे नहाने के उपयोग में लेते हैं। पीने के लिए फिल्टर पानी खरीद रहे हैं। यहां के बाद कलेक्टर सिंघल बस्ती में पहुंचे। वहां लोगों ने लकड़ी से मिट्टी हटाकर सीवर लाइन के पास फूटी पाइपलाइन दिखाई। महिलाओं से पूछने पर बताया कि हर दिन पानी सप्लाई नहीं हो रही। कभी-कभी नलों से गंदा पानी आता है। कलेक्टर ने निगमायुक्त को नालों की सफाई कराने, नालों के बीच से पानी की ज्वाइंट वाली पाइप लाइन हटाने के निर्देश दिए हैं।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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