जतारा नगर में  गोरइया माता के पास बना मुक्तिधाम अपनी बदहाली के लिए आंसू बहा रहा है


टीकमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र जतारा में गोरइया माता के पास मुक्ति धाम हुआ जर्जर उसे  पुनर्निर्माण कराने के लिए जतारा नगर के लोगों व अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन द्वारा प्रशासन को कई बार आवेदन एवं ज्ञापन के माध्यम से अवगत कराया गया लेकिन प्रशासन की लापरवाही  गैरजिम्मेदारी के चलते मुक्तिधाम की स्थिति बद से बदतर  है  नगर  परिषद जतारा द्वारा लाखों करोड़ों रुपए के काम करवाए जा रहे हैं परंतु  जहाँ जरूरत है वहाँ काम नहीं कराये जा रहे हैं जैसे कि गोरइया माता मंदिर के पास बने मुक्तिधाम जो अपनी बदहाली के आंसू बहा रहा है क्योंकि उसके टीन टप्पर  एवं बाउंड्रीवॉल जीर्णोद्धार होकर निर्माण के लिए शासन प्रशासन की ओर देख रहा है परंतु कोई आला अफसर व जनप्रतिनिधि को उसकी बदहाली की और ध्यान नहीं दे रहा है 

लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के प्रदेश सचिव राम रतन दीक्षित के द्वारा बताया गया कि कई बार आवेदन एवं ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन को मुक्ति धाम की स्थिति के बारे में। 
अवगत कराया लेकिन प्रशासन व जनप्रतिनिधि मुक्तिधाम के जीर्णोद्धार के लिए कोई कदम नहीं उठा रहे हैं तथा जतारा नगर के लोगों द्वारा बताया गया की अगर बारिश के   मौसम में किसी की मृत्यु हो जाती है तो उनके मृत शरीर को अंतिम संस्कार करने में तिरपाल का उपयोग करना पड़ता है जिससे अंतिम संस्कार करने में परेशानी होती है उक्त विकराल समस्या को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सुरक्षा संघठन मध्यप्रदेश भोपाल एवं जतारा नगर के लोगों का कहना है कि मुक्ति धाम को  सीमेंट कंक्रीट के द्वारा शासन की मापदंड नक्शे अनुसार बनवाया जाए एवं शोकसभा भवन का निर्माण पानी नल की व्यवस्था के साथ किया जाये एवं बाउंड्रीवॉल जो टूट चुकी है उसको  जल्द से जल्द ठीक कराकर प्रांगण में बरसात के पानी की उचित निकासी करें  जिससे पानी का भरण प्रांगण में न हो सके जिससे लोगों को दाह संस्कार करने में कोई कठिनाई न हो ।

यदि जल्द से जल्द मुक्ति धाम के जीर्णोद्धार नहीं कराया गया  तो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मार्ग पर चलते हुए सत्याग्रह आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे क्योंकि ऐसे मुक्ति धाम की जर्जर अवस्था व नगर के लोगों को हो रही परेशानी को देखते हुए संगठन व नगर के नागरिकों को यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया है जिसके लिए शासन प्रशासन खुद जिम्मेदार होगा।।

मो ० ख्वाजा