स्वास्थ्य मंत्री के राज में तिरपाल की आड़ में महिला का प्रसव, टॉर्च की रोशनी में जन्मा बच्चा


मध्य प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर करोड़ों रुपए का फंड जारी किया जाता है। बेहतर सुविधा देने के वादे किए जाते हैं। लेकिन विदिशा जिले में गुरूवार को सारे दावे उस वक्त फेल हो गए, जब एक गर्भवती को कड़कती ठण्ड में बीच सड़क तिरपाल की आड़ में बच्चे को जन्म देना पड़ा। इतना ही नहीं, घंटों तक एंबुलेंस नहीं आई, जिसके बाद उन्हें उसी तिरपाल के नीचे करीब 3 घंटे गुजारना पड़ा। 

 दरअसल, पूरा मामला पठारी से सामने आया है, जहां रात 3 बजे के आसपास एक महिला का प्रसव हो गया। परिजनों का आरोप है कि 3 घंटे तक इंतजार करने के बाद भी जब एंबुलेंस नहीं आई तो मजबूर होकर वे महिला को अस्पताल की ओर ले जाने लगे। लेकिन रास्ते में दर्द बढ़ने के कारण सड़क पर ही तिरपाल ओढ़ाया गया। 

वहां मौजूद चौकीदार की पत्नी ने महिला का प्रसव कराया। सिस्टम की शर्मनाक हरकत यहीं खत्म नहीं हुई। ठंड में 2 से 3 घंटे तक तिरपाल के सहारे ही जच्चा-बच्चा सड़क पर पड़े रहे। ऐसे में सवास्थ्य व्यवस्था के दावों पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए। 

संवाददाता :- आशीष सोनी