जातिगत भेदभाव करने का मामला आया सामने, आदिवासी छात्रों का भविष्य संकट में!


खबर मध्यप्रदेश सिंगरौली जिले के चितरंगी जनपद शिक्षा केंद्र अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय दुधमनिया के प्रधानाध्यापिका अर्चना सिंह द्वारा दलित आदिवासी बच्चों के साथ जातिगत भेदभाव करने का मामला सामने आया है।

प्राप्त जानकारी अनुसार -अभिभावकों एवं ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि, प्रधानाध्यापिका अर्चना सिंह आए दिन विद्यालय में अध्यनरत दलित आदिवासी बच्चों के साथ जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्र व्यवहार करते हुए क्लास से बाहर कर देती हैं ।

वहीं अभिभावकों द्वारा यह भी बताया गया कि, जब हम लोग प्रधानाध्यापिका से संबंध है इस संबंध बात करने के लिए विद्यालय में जाते हैं तो उनके द्वारा हमें भी अभद्र गालियां देते हुए एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी जाती है।

अभिभावकों ने इसकी शिकायत संकुल प्राचार्य बगैया एवं जिला शिक्षा अधिकारी और जिला कलेक्टर से भी किया लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई, उल्टा अभिभावकों के ही ऊपर झूठ एफ आई आर दर्ज कराकर कार्यवाही कराई गई,जिसका प्रकरण माननीय न्यायालय देवसर में चल रहा है।



अभिभावकों ने अभी बताया कि इस मामले की शिकायत पिछले वर्ष सितंबर माह 2025 में भी किया गया था, जिसमें बीआरसी टीम चितरंगी द्वारा जांच किया गया, किंतु अभिभावकों के कथन बयान को नहीं माना गया और जांच के बाद कोई कार्यवाही नहीं हुई।

हैरानी की बात यह है कि, इस गंभीर मामले में बीआरसी के अधिकारी यों ने चुप्पी साध ली जिससे अभिभावकों में भारी आक्रोश है।

यदि समय रहते शिक्षा विभाग ने कड़े कदम नहीं उठाया तो न केवल बच्चों की शिक्षा प्रभावित होगी बल्कि सामाजिक सद्भाव भी बिगड़ेगा।

संवाददाता :- आशीष सोनी