चुनौती दे कर गायब हुए चांद खान, शिवपुरी पहुंचे वकील अनिल मिश्रा

ग्वालियर के अधिवक्ता अनिल मिश्रा द्वारा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर पर की गई कथित विवादित टिप्पणी का मामला अब गरमाता जा रहा है। इस बयान को लेकर भीम आर्मी ने कड़ा आक्रोश जताया है, हालांकि हालिया घटनाक्रम ने शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।

भीम आर्मी ने दी थी 'सख्त स्वागत' की चेतावनी

भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष चांद खान ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अधिवक्ता अनिल मिश्रा को आड़े हाथों लिया था। वीडियो में चांद खान ने अधिवक्ता को 'मानसिक रूप से विक्षिप्त' बताते हुए सीधे तौर पर शिवपुरी आने की चुनौती दी थी। उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की थी कि वे भारी संख्या में तैयार रहें, ताकि अधिवक्ता के शिवपुरी कदम रखते ही उनका ऐसा "स्वागत" किया जाए जिसे वह जिंदगी भर याद रखें।

चुनौती के बावजूद शिवपुरी पहुंचे अधिवक्ता

दिलचस्प बात यह रही कि इतनी खुली चेतावनी के बावजूद एडवोकेट अनिल मिश्रा न केवल शिवपुरी पहुंचे, बल्कि उन्होंने निर्भीक होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय में जाकर अपना ज्ञापन भी सौंपा। इस दौरान जिस 'शक्ति प्रदर्शन' और 'विरोध' की उम्मीद भीम आर्मी की ओर से की जा रही थी, वह धरातल पर नजर नहीं आया।

गायब रहे जिलाध्यक्ष

सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए चुनौती देने वाले भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष चांद खान को इस पूरे घटनाक्रम के दौरान मौके से नदारद रहे। अधिवक्ता के सुरक्षित कलेक्ट्रेट पहुंचने और वहां से वापस जाने के बाद अब लोग सोशल मीडिया पर दी गई उस चुनौती को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

विवाद की जड़

भीम आर्मी का आरोप है कि अनिल मिश्रा ने बाबा साहब के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया है, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। संगठन का कहना है कि वे संविधान के अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे।

संवाददाता :–अंशुल सोनी