हाई ब्लास्टिंग,का कहर उड़ते पत्थरों से दहशत, घर-दुकानें क्षतिग्रस्त-ग्रामीण बोले मौत के साए में जी रहे

सिंगरौली जिले के जनपद पंचायत बैढ़न अंतर्गत ग्राम पंचायत मकरोहर एवं जोगियानी में संचालित पत्थर खदान और क्रेशर यूनिट्स इन दिनों ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। क्षेत्र में हो रही कथित नियम विरुद्ध “हाई ब्लास्टिंग” से लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। विस्फोट इतने तीव्र हो रहे हैं कि बड़े-बड़े पत्थर उड़कर सीधे घरों, दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर गिर रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार

खदान स्थल मुख्य सड़क से महज 20 मीटर की दूरी पर स्थित है और आसपास घनी आबादी बसी हुई है। मकान, दुकानें, होटल और क्लीनिक जैसे महत्वपूर्ण स्थान नजदीक होने के बावजूद लगातार ब्लास्टिंग की जा रही है, जिससे प्रतिदिन 25 से 50 लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

छतों पर गिर रहे पत्थर, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

स्थानीय लोगों ने बताया कि ब्लास्टिंग के दौरान कई बार बड़े पत्थर घरों की छतों और दुकानों पर गिर चुके हैं, जिससे संपत्ति को नुकसान हुआ है। कई बार लोग बाल-बाल बचे हैं, लेकिन हालात दिन-ब-दिन गंभीर होते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अब किसी भी समय बड़ी जनहानि हो सकती है। 

बी अग्रवाल स्टोन प्रोडक्ट,समेत अन्य संचालकों पर आरोप ग्रामीणों ने बी अग्रवाल स्टोन प्रोडक्ट एवं अन्य क्रेशर संचालकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वे सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए हाई ब्लास्टिंग कर रहे हैं। शिकायत करने पर उल्टा धमकी दी जाती है कि “ब्लास्टिंग ऐसे ही होगी, जहां शिकायत करना है कर लो” सभी अधिकारी सिस्टम में है।

वीडियो साक्ष्य भी मौजूद,ग्रामीणों ने पूर्व में हुई खतरनाक ब्लास्टिंग की घटनाओं के वीडियो भी रिकॉर्ड किए हैं, जिनमें पत्थरों का मकानों तक पहुंचना साफ देखा जा सकता है। इन साक्ष्यों को प्रशासन को सौंपने की तैयारी की जा रही है।

पुलिस चौकी में सामूहिक शिकायत

लगातार खतरे को देखते हुए मकरोहर और जोगियानी के ग्रामीणों ने पुलिस चौकी में सामूहिक आवेदन देकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। आवेदन में स्पष्ट कहा गया है कि यदि हाई ब्लास्टिंग पर रोक नहीं लगाई गई, तो बड़ी दुर्घटना होना तय है।

ग्राउंड रिपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह नदारद

जमीनी स्तर पर सुरक्षा मानकों का पालन न के बराबर दिखाई दे रहा है। न तो ब्लास्टिंग के दौरान क्षेत्र को खाली कराया जाता है और न ही लोगों को पहले से कोई चेतावनी दी जाती है। ऐसे में पूरा क्षेत्र लगातार खतरे के साए में जी रहा है। 

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल,बताया जा रहा है गंभीर शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों की मांग,हाई ब्लास्टिंग पर तत्काल रोक लगाई जाए खदान और क्रेशर यूनिट्स की निष्पक्ष जांच हो सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाए, दोषी संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

हादसे से पहले जागे प्रशासन

मकरोहर और जोगियानी की स्थिति किसी बड़े हादसे की ओर इशारा कर रही है। यदि समय रहते प्रशासन नहीं जागा, तो यह लापरवाही किसी दिन भारी जनहानि का कारण बन सकती है।

संवाददाता:–आशीष सोनी