केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराजसिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा में किसान परेशान सहकारी समिति के विरूद्ध किसानों का विरोध प्रदर्शन किया चक्काजाम
विदिशा जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर बुधवार को जैतपुर सहकारी समिति के विरूद्ध विरोध प्रदर्शन हुआ। तुलाई में देरी और अन्य अव्यवस्थाओं से परेशान किसानों ने अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियां सड़क पर खड़ी कर रास्ता जाम कर दिया।
किसानों का कहना है कि जहां पहले 20 अप्रैल तक तुलाई पूरी हो जाती थी, वहीं इस साल अप्रैल समाप्त होने को है और वे अब भी अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। तुलाई केंद्र पर न तो समय पर तुलाई हो रही है और न ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं।
घंटों इंतजार के बाद भी नहीं आता नंबर
कई किसान सुबह से अपनी उपज लेकर केंद्र पर बैठे रहते हैं, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी उनका नंबर नहीं आता। किसानों ने बताया कि शादियों का समय होने के कारण उन्हें पैसों की सख्त जरूरत है, जिसके चलते वे अपनी उपज स्थानीय मंडियों में कम कीमत पर बेचने को मजबूर हैं।
किसानों ने आरोप लगाया कि "तेवड़ा" के नाम पर उनकी उपज को लगातार अस्वीकार किया जा रहा है। सर्वेयर का कहना है कि उपज में तेवड़ा का एक भी दाना नहीं होना चाहिए। किसानों के अनुसार, बुधवार को केंद्र पर लाई गई 22 ट्रालियों की उपज को एक साथ अस्वीकार कर दिया गया।
अधिकारियों पर साठगांठ के आरोप
किसानों ने सवाल उठाया कि यदि पहले से तौली गई उपज की जांच की जाए तो उसमें भी तेवड़ा मिल सकता है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इसे लेकर किसानों ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर साठगांठ के आरोप लगाए।
किसानों ने सैंपलिंग प्रक्रिया पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सैंपल के नाम पर 5 किलो तक उपज ली जा रही है, जबकि नियमानुसार बहुत कम मात्रा में सैंपल लिया जाना चाहिए। किसानों की मांग है कि यदि उपज अस्वीकार होती है तो पूरा सैंपल वापस किया जाए या केवल 500 ग्राम तक ही सैंपल लिया जाए।
किसान नेता ने बताई सही प्रक्रिया
इस दौरान मौजूद एक किसान नेता ने जब कर्मचारियों से सैंपल लेने की प्रक्रिया के बारे में पूछा तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। बाद में किसान नेता ने स्वयं कर्मचारियों को सही सैंपलिंग प्रक्रिया की जानकारी दी।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि तुलाई व्यवस्था में सुधार किया जाए, सैंपलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।



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