आखिर क्यों है रिश्वतखोरों के हौसले बुलंद किसका है संरक्षण बड़ा सवाल ?
रिश्वतखोरों पर लगाम नहीं लग पा रहा आपने रिश्वतखोरी के बहुत मामले मीडिया के माध्यम से देखें होंगे ऐसा ही मामला नरसिंहपुर नगरपालिका से सामने आया है नगरपालिका में पदस्थ बाबू संजय तिवारी को लोकायुक्त पुलिस ने 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है इस कार्रवाई से नगरपालिका में हड़कंप मच गया है ।
लोकायुक्त इंस्पेक्टर ब्रजमोहन सिंह नोरिया के अनुसार शिकायतकर्ता भीष्म नारायण राजपूत सरिता कंस्ट्रक्शन कंपनी का संचालन करता हैं। उन्हें कृष्णा वार्ड के मरही माता क्षेत्र में पेवर ब्लॉक निर्माण का टेंडर मिला था। कार्य पूरा होने के बाद उन्हें लगभग 3 लाख 39 हजार रुपए का भुगतान मिलना था।
नगरपालिका बाबू संजय तिवारी ने बिल पास करने के लिए पहले 15 प्रतिशत कमीशन की मांग की शिकायतकर्ता की ओर से असमर्थता जताने पर आरोपी कम रकम पर राजी हो गया और भुगतान जारी होने के बाद रिश्वत देने की बात तय हुई।
शिकायतकर्ता ने बताया की रिश्वत नहीं देना चाहते हैं, लेकिन आरोपी ने सिक्योरिटी डिपॉजिट (एफडीआर) रोकने और अन्य भुगतान अटकाने की धमकी दी। इसके बाद शिकायतकर्ता ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने 38 हजार रुपए की मांग की थी, लेकिन शिकायतकर्ता केवल 25 हजार रुपए का ही इंतजाम कर सका।
बुधवार को लोकायुक्त पुलिस ने संजय तिवारी को उनके कार्यालय में 25 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। ऐसे ही बहुत से मामलों में रिश्वत का खेल चल रहा है लगातार कार्यवाही होने के बाद भी अधिकारी बाज नहीं आ रहे हैं । सवाल यह है की भ्रष्टाचार पर कोई ठोस कानून क्यों नहीं जो रिश्वत लेने से पूर्व भय पैदा कर दे ।
संवाददाता: दीपक मालवीय

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