खुरई में फूटा जनाक्रोश: आश्वासनों के बाद भी खुली शराब दुकान, महिलाओं का उग्र प्रदर्शन—तोड़फोड़ और आगजनी



सागर जिले के खुरई के तलैया नाका क्षेत्र में शनिवार को उस समय हालात बिगड़ गए, जब लंबे समय से विरोध झेल रही शराब दुकान को दोबारा खोल दिया गया। करीब डेढ़ महीने से स्थानीय नागरिक, खासकर महिलाएं, दुकान हटाने की मांग कर रही थीं, लेकिन प्रशासन की ओर से केवल आश्वासन ही मिलता रहा।दोपहर करीब 2 बजे दुकान खुलने की सूचना मिलते ही वार्डवासियों ने झंडा चौक से घोरट मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में महिलाएं मौके पर पहुंचीं और विरोध ने उग्र रूप ले लिया। पथराव करते हुए दुकान में तोड़फोड़ की गई, शराब की पेटियां बाहर फेंकी गईं और बाद में उन्हें आग के हवाले कर दिया गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच झड़प हुई, जिसके चलते पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। करीब एक घंटे तक क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। घटना में दुकान में रखे फ्रिज, एसी और अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा, जिससे ठेकेदार को आर्थिक क्षति हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार ज्ञापन देकर प्रशासन को इस मुद्दे से अवगत कराया था और निरीक्षण के दौरान कार्रवाई का भरोसा भी मिला था, लेकिन इसके बावजूद दुकान को दोबारा खोल देना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्रीय विधायक भूपेंद्र सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मामले में हस्तक्षेप की मांग तेज हो गई है।जब जनता लगातार विरोध दर्ज कराती रहे और प्रशासन केवल आश्वासन देता रहे, तो ऐसे में जिम्मेदारी तय होना जरूरी हो जाता है। खुरई की यह घटना कहीं न कहीं प्रशासनिक उदासीनता और जनभावनाओं की अनदेखी को उजागर करती है।

संवाददाता:- स्वाति रजक