बालिका छात्रावास में गंभीर नियम उल्लंघन,  तहसीलदार की अचानक जांच में खुलासा,  2022 से जारी है नियमों की खुलेआम अनदेखी


 जिला मुख्यालय में संचालित जिला स्तरीय उत्कृष्ट सीनियर बालिका जनजातीय छात्रावास में गंभीर नियम उल्लंघन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण का खुलासा उस समय हुआ, जब तहसीलदार सविता यादव अचानक निरीक्षण के लिए छात्रावास पहुंचीं। 

जांच में सामने आया कि छात्रावास भवन के ग्राउंड फ्लोर पर मकान मालिक और उनका परिवार निवास कर रहा है, जबकि फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर बालिका छात्रावास संचालित किया जा रहा है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्थिति हाल की नहीं, बल्कि वर्ष 2022 से लगातार बनी हुई है। बालिका छात्रावास संचालन के स्पष्ट नियमों के अनुसार छात्रावास परिसर पूरी तरह सुरक्षित, पृथक और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही से मुक्त होना चाहिए। खासतौर पर बालिकाओं के छात्रावास में किसी भी बाहरी व्यक्ति का निवास पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद मकान मालिक का परिवार उसी भवन में रह रहा है और दिनभर आना-जाना लगा रहता है, जो नियमों की खुली अवहेलना के साथ-साथ बालिकाओं की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ माना जा रहा है।

जिम्मेदार अधिकारी अवकाश पर, सवाल बरकरार

मामले में वर्तमान एसी ट्राइबल से संपर्क करने का प्रयास किया गया,  लेकिन  उनसे संपर्क नही हो पाया। बताया गया कि वे अवकाश पर हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने संवेदनशील मामले में जिम्मेदार अधिकारी अब तक अनजान कैसे रहे, जांच के बाद बालिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और आदिम जाति कल्याण विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रहेगा।

एग्रीमेंट में स्पष्ट था ग्राउंड फ्लोर खाली रहेगा

इस मामले में सिंगरौली जिले में पदस्थ रहे तत्कालीन सहायक आयुक्त आदिम जाति कल्याण विभाग संजय खेड़कर ने वर्ष 2022 में जब यह भवन किराए पर लिया गया था, तब केवल दो फ्लोर ही किराए पर लिए गए थे। प्रत्येक फ्लोर का किराया 30-30 हजार रुपये तय किया गया था। मकान मालिक को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ग्राउंड फ्लोर पर कोई भी व्यक्ति निवास नहीं करेगा और उसे केवल गोदाम के रूप में उपयोग किया जाएगा। यदि अब वहां परिवार रह रहा है, तो यह सीधा नियम उल्लंघन है। उन्होंने यह भी कहा कि छात्रावास का प्रवेश द्वार पूरी तरह अलग होना अनिवार्य है।

संवाददाता :- आशीष सोनी