देवसर जनपद अंतर्गत के ग्राम पंचायत क्षेत्र बकहुल के सचिव पर लगा भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप


सिंगरौली की  देवसर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत बकहुल के सचिव रमेश चंद्र जायसवाल के ऊपर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सचिव लगभग 5 महीने से पंचायत भवन में नहीं बैठ रहे हैं, जिससे ग्रामीण जनों का कार्य प्रभावित हो रहा है, साथ ही ग्रामीण जनों ने यह भी आरोप लगाया है कि पंचायत में पैसे का हेरा फेरी धड़ले से हो रहा है। जबकि जमीनी स्तर पर शून्य है। सचिव के द्वारा ग्रामीण जनों से भेदभाव किया जाता है। ग्राम पंचायत में विद्यालय का शौचालय हैंडपंप आंगनवाड़ी भवन का पैसा निकाल लिया गया है, जबकि कार्य नहीं करवाया गया है। आवेदन पत्र में यह भी हवाला दिया गया है कि, पंचायत सचिव को हटाए जाने एवं उनके द्वारा किए गए भ्रष्टाचार को लेकर विशेष टीम गठित कर जांच किया जाए। यहां की जनता काफी परेशान है और शासन के द्वारा दिए जा रहे सुविधाओं से वंचित होते जा रहे हैं।ग्राम पंचायत क्षेत्र बकहुल के पंचायत सचिव पर लगे भ्रष्टाचार का आरोप जिला मुख्य कार्यपालिका अधिकारी को लिखित एवं मौखिक रूप से ही अवगत करा दिया गया है, शिकायतकर्ता के अनुसार जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत बकहुल के कथित भ्रष्टाचार के मामले में एक बार फिर तूल पकड़ लिया है ग्राम पंचायत के सचिव द्वारा हैंड पंप शौचालय आंगनवाड़ी भवन जैसे विषयों पर अनियमिता का गंभीर आरोप लगा है, शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि पंचायत सचिव द्वारा पंचायत के कार्य में लगे मजदूरों को मजदूरी न देकर अपने करीबी लोगों के खाते में स्थानांतरित कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जाता है, जिला पंचायती विभाग द्वारा समय पर जांच न करने और जांच की कार्यवाही सार्वजनिक न करने से पंचायत सचिव को संरक्षण मिल रहा है और भ्रष्टाचारियों को खुली छूट दी जा रही है। शिकायतकर्ता द्वारा बताया गया कि पूर्व में 19 मई 2025 को भी कलेक्टर को इस संबंध में शिकायती पत्र सरपंच के द्वारा दिया गया था। लेकिन जांच टीम द्वारा निरीक्षण के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की गई।

ग्राम पंचायत क्षेत्र बकहुल के सचिव की भ्रष्टाचार की गहराई कहां तक समाया हुआ है, इसका सबसे बड़ा उदाहरण वह नेटवर्क है जिसके तार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं बल्कि सीधे भोपाल तक जुड़े बताए जाते हैं सूत्रों का दावा है कि यह कोई साधारण अवैध खेल नहीं बल्कि एक ऐसा तंत्र है जिसमें कई हाई प्रोफाइल अधिकारी स्थानीय नेताओं विभागीय मुखियाओं और दलालों की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, कई लाख रुपये की वसूली और सेटिंग का पूरा ऑपरेशन कथित रूप से भोपाल से हो जाता है और इतने बड़े भ्रष्टाचार की लेनदेन में किसी एक व्यक्ति के शामिल होने की कल्पना तक नहीं की जा सकती।स्थानीय लोग खुलकर के

कहते हैं कि जब तक जिले के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी सिंगरौली कार्यवाही नहीं करेंगे तब तक यह रवैया निरंतर चलता रहेगा। पूरा नेटवर्क इस तरह काम कर रहा है कि,उच्च स्तर पर रिकॉर्ड और उनके बाद पूरा मामला ऐसे सेटलमेंट कर दिया जाता है, जैसे कुछ हुआ ही ना हो। यह कोई साधारण अनियमितता नहीं बल्कि यह एक संगठित एवं सुरक्षित सोची समझी रणनीति है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर मुख्य कार्यकाल अधिकारी द्वारा व्यापक जांच हो गई तो यह पूरा भ्रष्टाचार का पन्ना परत दर परत सामने आ जाएगा। यह जिले में मामला छोटा दिखता है लेकिन भ्रष्टाचार का नेटवर्क उतना ही गहरा बताया जाता है। ग्राम पंचायत क्षेत्र बकहुल के सचिव द्वारा किया गया भ्रष्टाचार प्रशासनिक असफलता का सबसे बड़ा दर्पण है। यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं यह पूरे सिस्टम में बैठे एक संगठित संरक्षित और सक्रिय लोगों की कहानी है। जिससे ग्रामीण जनों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और अपने हक की लड़ाई के लिए पंचायत से लगभग 50 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है।

संवाददाता :- आशीष सोनी