बलात्कार व अपहरण के दोषी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास देवसर न्यायालय का कड़ा फैसला
तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश देवसर विजय कुमार सोनकर के न्यायालय ने थाना सरई क्षेत्र के बहुचर्चित बलात्कार व अपहरण मामले में आरोपी को दोषी ठहराते हुए कड़ा फैसला सुनाया है।
न्यायालय ने आरोपी रामायण प्रजापति को भारतीय दंड संहिता की धारा 366, 376(1) व 506 भाग-2 के अंतर्गत दोषी पाते हुए 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया है। न्यायालय ने आदेश दिया कि आरोपी को दी गई सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। अपर लोक अभियोजक मारकण्डेय मणि त्रिपाठी के अनुसार यह मामला थाना सरई के अपराध से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार घटना 7 जनवरी 2023 की है, जब आरोपी ने पीड़ि़ता को बहला-फुसलाकर अपहरण किया और उसके साथ जबरन बलात्कार किया। पीड़ि़ता द्वारा विरोध करने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी भी दी थी। घटना के संबंध में 10 जनवरी 2023 को एफआईआर दर्ज की गई थी, जबकि 21 मार्च 2023 को अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़ि़ता के बयान धारा 161 एवं 164 दंप्रसं के कथन, चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट तथा अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण करते हुए माना कि अभियोजन अपना मामला संदेह से परे सिद्ध करने में सफल रहा है। दंड के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं के विरुद्ध इस प्रकार के अपराध समाज की मूल संरचना को आघात पहुंचाते हैं, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक हैं, ताकि समाज में निवारक संदेश जाए। इसी आधार पर आरोपी रामायण प्रजापित पिता स्व. अम्बा लाल प्रजापति उम्र 28 वर्ष निवासी तिनगुड़ी को धारा 366 एवं 376(1)में 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000-3000 अर्थदंड, जबकि धारा 506 भाग-2 में 2 वर्ष का सश्रम कारावास व 1000 अर्थदंड से दंडित किया गया। न्यायालय ने आरोपी के जमानत मुचलके निरस्त करते हुए सजा वारंट जारी करने तथा उसे जेल भेजने के आदेश भी दिए हैं।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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