7 साल पुराने घोटाले में पीएनबी का तत्कालीन शाखा प्रबंधक गिरफ्तार, 4 करोड़ की हेराफेरी का आरोप...


जानें पूरा मामला:
सात साल पुराने बैंक घोटाले में सिविल लाइन पुलिस ने पीएनबी के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर फर्जी खातों के जरिए 4 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ट्रांसफर कर धोखाधड़ी करने का आरोप है। सिविल लाइन पुलिस ने सात साल पुराने एक बड़े बैंक घोटाले का खुलासा करते हुए पंजाब नेशनल बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर अवैध तरीके से फर्जी खातों में 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कर धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी के पास से महत्वपूर्ण दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निवासियों की रिपोर्ट पर वर्ष 2018 में थाना सिविल लाइन में धोखाधड़ी के दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए थे। शिकायत में आरोप था कि बैंक में अवैध रूप से फर्जी खातों के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई है।
पुलिस विवेचना के दौरान सामने आया कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमरेंद्र कुमार दास ने बैंक दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर फर्जी खातों में 4 करोड़ रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर की थी। जांच में धोखाधड़ी का अपराध प्रमाणित पाए जाने के बाद आरोपी की तलाश शुरू की गई।
पुलिस ने तकनीकी और गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी के मूवमेंट की जानकारी जुटाई और अंततः पंजाब नेशनल बैंक छतरपुर के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अमरेंद्र कुमार दास, पिता महाकांत लाल दास, निवासी जिला मधुबनी (बिहार), हाल निवासी जिला सतना को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं। शेष पूछताछ और अन्य दस्तावेजों की बरामदगी के लिए आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले एवं सीएसपी अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में सिविल लाइन थाना प्रभारी सतीश सिंह, एसआई जितेंद्र सोनी, एएसआई मोहनलाल प्रजापति, प्रधान आरक्षक भूपेंद्र सिंह, आरक्षक धीरेंद्र राजावत तथा सागर कोतवाली के प्रधान आरक्षक मुकेश कुमार सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

- नोफ़िकर न्यूज़ दमोह