राजस्थान के मरीजों को अब देश के इन अस्पतालों में मिलेगा मुफ्त इलाज


मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के ऐलान के बाद योजना का दायरा बढ़ा और अब देशभर के 30 हजार से अधिक अस्पताल इससे जुड़ चुके हैं। इससे राजस्थान के नागरिकों को प्रदेश के बाहर भी नामी अस्पतालों में गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।

करीब छह महीने पहले इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी की शुरुआत हुई थी। पहले चरण में इनबाउंड पोर्टेबिलिटी के तहत दूसरे राज्यों के नागरिकों को राजस्थान में इलाज की सुविधा दी गई। अब 19 दिसंबर से आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू होने के बाद राजस्थान के पात्र परिवार देश के अन्य राज्यों में भी निःशुल्क इलाज करा सकेंगे। अब तक करीब 350 मरीज इस सुविधा का लाभ ले चुके हैं।

दिल्ली-गुजरात समेत कई राज्यों में इलाज संभव

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पहले मरीजों को गुजरात, दिल्ली जैसे राज्यों में निजी खर्च पर जाना पड़ता था। इस आर्थिक बोझ को देखते हुए राज्य सरकार ने आउटबाउंड पोर्टेबिलिटी लागू की, जिससे अब प्रदेश के बाहर भी एम्पैनल्ड अस्पतालों में कैशलेस इलाज संभव हो सका है।

इन नामी अस्पतालों में मिलेगी सुविधा

तमिलनाडु और कर्नाटक को छोड़कर देश के लगभग 16 हजार सरकारी और 14 हजार निजी अस्पताल इस योजना में शामिल हैं। सूची में दिल्ली के 184, गुजरात के 2067, हरियाणा के 1366, मध्य प्रदेश के 1622, महाराष्ट्र के 1709, पंजाब के 823 और उत्तर प्रदेश के 6182 अस्पताल शामिल हैं। इनमें दिल्ली और भोपाल के एम्स, मेदांता, चंडीगढ़ का पीजीआई, लखनऊ का केजीएमयू, गुजरात का यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी और गुजरात कैंसर एंड रिसर्च सेंटर जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं।

1.36 करोड़ परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना प्रदेश के करोड़ों परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की मजबूत गारंटी बन चुकी है। अब यह सुविधा न सिर्फ राजस्थान के भीतर, बल्कि प्रदेश की सीमाओं के बाहर भी मुफ्त और कैशलेस इलाज सुनिश्चित कर रही है।

संवाददाता :- खुशी ढ़िमोले