ट्रामा में नार्मल प्रसव के नाम पर अवैध वसूली,स्त्री रोग विशेषज्ञ का परिजनो से सौदेबाजी का ऑडियो वायरल...



सिंगरौली जिला चिकित्सालय सह ट्रामा सेंटर मे महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों का गर्भवती महिलाओं का नार्मल प्रसव कराने के नाम पर उनके परिजनों से अवैध वसूली करना शायद परम्परा बन गया है। ट्रामा मे भर्ती गर्भवती महिला का नार्मल प्रसव की प्रबल सभी सम्भावनाओं को जानबूझकर ख़ारिज कर असंभव बता परिजनों को डरा कर मोटा रकम वसूलने का गोरखधंधा महिला चिकित्सकों द्वारा खुब चलाया जा रहा है। इसका खुलासा आज एक ऑडियो का सोशल मीडिया पर वायरल होने से हुआ। वायरल ऑडियो मे जिला चिकित्सालय की एक नामचीन स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सक की सहकर्मी गर्भवती महिला के परिजनों से नार्मल डिलेवरी के नाम पर सौदेबाजी कर रही है। ऑडियो रिकॉर्डिंग से अनभिज्ञ कथित डॉ की सहकर्मी परिजनों से 4मिनट 20 सेकंड तक लम्बी बात चीत कर रही है और बड़े ऑपरेशन का भय दिखा कर 10 हजार मे नार्मल प्रसव कराने का सौदा कर रही है। वायरल ऑडियो ने ट्रामा के भ्रस्ट व्यवस्था का नार्मल नहीं बल्कि विधिवत ऑपरेशन कर दिया।वायरल ऑडियो पर तरह तरह के कमेंट्स के साथ आमजन बड़े आत्मविश्वास से कह रहे हैं की इस पर कोई कार्यवाही नहीं होगी। 

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो ने ट्रामा के भ्रस्ट व्यवस्था नामक गंभीर बीमारी का नार्मल नहीं बल्कि पूरा ऑपरेशन कर दिया। ट्रामा मे गर्भवती महिलाओं के परिजनों को बड़े सर्जरी का भय दिखा कर लूटपाट करने का लम्बे समय से फल फुल रहा गोरखधंधा आज एक बार फिर एक्सपोज हो गया। हालांकि यह पहली बार नहीं है इससे पहले भी इस तरह का ऑडियो वायरल हो चुका है, लेकिन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी व जिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से इस पर रोक नहीं लग पा रहा है। 

सर्जरी व अत्यधिक खर्च के नाम पर परिजनों को डराया जाता है

गौरतलब हो कि ट्रामा के स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों से प्रथम माह से लेकर प्रसव के अंतिम माह तक परामर्श लेकर परिजन जच्चा बच्चा का देख रेख करते हैं, लेकिन जैसे ही प्रसव की निर्धारित तिथि नजदीक आती है ठीक एक दो दिन पूर्व से नार्मल प्रसव नहीं हो पाने का सुनियोजित षड्यंत्र चिकित्सक के सहयोगियों द्वारा रचा जाता है। सर्जरी का नाम सुनकर तो आम आदमी भी सहम जाता है, यहाँ तो जच्चा-बच्चा दोनों की बात है। परिजनों को डराने के बाद शुरू होता है अतिरिक्त कमाई का असली खेल। चिकित्सक के महिला सहकर्मी बड़ी चालाकी से परिजनों से संपर्क करके डराती है और कहती है कि ट्रामा मे ऑपरेशन की माकूल व्यवस्था नहीं है, सो अन्यत्र अस्पताल मे रेफर कर दिए जाने से ऑपरेशन का खर्चा कम से कम 50 हजार का खर्चा आएगा। पहले सर्जरी और फिर मोटे रकम का खर्च सुनकर परिजन जैसे ही भयभीत होते हैं वैसे ही चिकित्सक के अतिरिक्त कमाई का सौदेबाजी शुरू होता है। ज्ञात हो कि जच्चा-बच्चा के नार्मल प्रसव की पूरी प्रबल सम्भावना है लेकिन जान बुझ कर परिजनों को डराया जाता है ताकि परिजनों से प्रसव के नाम पर 10 से 15 हजार रूपये की अतिरिक्त वसूली हो जाय। इस भ्रस्ट व्यवस्था के नाम पर वसूली का ऑडियो वायरल का कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी कई स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सको के सहयोगी कर्मीयो का परिजनों से सौदेबाजी का ऑडियो वायरल हो चुका है, लेकिन चिकित्सालय प्रबंधन व जिला प्रशासन की उदासीनता की वजह से गरीब परिवार लम्बे समय से आर्थिक शोषण के शिकार होते आ रहे हैं। उक्त भ्रस्ट व्यवस्था पर नवागत कलेक्टर का ध्यान आकृस्ट कराया गया है।

संवाददाता :- आशीष सोनी