डिग्री कॉलेज बैढ़न प्रकरण में खामोशी क्यों ? छात्र संगठनों की चुप्पी पर उठे सवाल


सिंगरौली में डिग्री कॉलेज बैढ़न में कथित तौर पर छात्राओं के मोबाइल पर चैटिंग और व्हाट्सएप कॉलिंग के गंभीर आरोपों से जुड़ा मामला अब और संवेदनशील होता जा रहा है। अतिथि विद्वान के खिलाफ सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत दर्ज होने के बावजूद जिले के दोनों प्रमुख छात्र संगठन पूरी तरह खामोश हैं। छात्र हितों की बात करने वाले संगठन इस गंभीर मुद्दे पर चुप क्यों हैं ? यह सवाल अब कॉलेज परिसर से निकलकर आमजन तक पहुंच गया है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मामला उजागर होने के बाद भी डिग्री कॉलेज प्रबंधन और अन्य प्राध्यापकों की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, न कोई आंतरिक जांच की घोषणा, न ही आरोपी अतिथि विद्वान से दूरी बनाने का संकेत। सूत्रों का कहना है कि कॉलेज स्तर पर मामले को दबाने की कोशिशें हो रही हैं, ताकि संस्थान की छवि प्रभावित न हो। शिक्षा के मंदिर में इस तरह की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या प्रबंधन पर किसी प्रकार का दबाव है या फिर पूरे प्रकरण को हल्के में लिया जा रहा है।

मामले को ठण्डे बस्ते में डालने की कवायद

सूत्र बताते हैं कि कथित पीड़ि़त छात्राएं लोक-लाज, सामाजिक दबाव और अभिभावकों के डर के कारण खुलकर सामने आने को तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि मामला सामने आने के बावजूद ठोस बयान या शिकायतें सीमित रह गई हैं। अभिभावकों का भी कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि छात्राओं को न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या छात्र संगठन अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे या फिर यह मामला भी कुछ दिनों में ठंडे बस्ते में चला जाएगा। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती, तो यह पूरे शिक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा देगा। फिलहाल डिग्री कॉलेज बैढ़न का यह मामला जिले में चर्चा और चिंता का विषय बना हुआ है।

संवाददाता :- आशीष सोनी