आधा किलोमीटर तक रेंगता ट्रैफिक, व्यापार और आवागमन दोनों प्रभावित, निर्माणाधीन एनएच 39 मुख्य कारण
जाम के कारण न केवल वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ रही है, बल्कि पैदल चलने वालों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि जाम की वजह से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे उनके व्यवसाय पर सीधा असर पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने बताया कि पहले जहां दिनभर में अच्छी बिक्री हो जाती थी, वहीं अब ग्राहकों की संख्या में कमी आ गई है। विशेषकर सब्जी, फल और रोजमर्रा की जरूरतों की दुकानों पर सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। जाम का मुख्य कारण सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण और अव्यवस्थित पार्किंग बताया जा रहा है। सड़क किनारे ठेले, अस्थायी दुकानें और वाहनों की मनमानी पार्किंग के चलते मार्ग संकरा हो गया है। इसके अलावा भारी वाहनों का दिनभर प्रवेश भी जाम की समस्या को और गंभीर बना देता है। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय स्थिति और बिगड़ जाती है, जब बसें और ऑटो एक साथ सड़क पर आ जाते हैं।
कसर कस्बा के सड़क पर अतिक्रमण भी है मुख्य वजह
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कई बार एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी जाम में फंसना पड़ता है, जिससे समय पर इलाज और सहायता पहुंचाना कठिन हो जाता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क से अतिक्रमण हटाया जाए और ट्रैफिक व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जाए। वहीं व्यापारियों और नागरिकों ने संयुक्त रूप से चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। फिलहाल कसर सड़क मार्ग पर रोजाना लगने वाला जाम क्षेत्रवासियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। प्रशासन की ओर से यदि ठोस कदम उठाए जाएं और नियमित निगरानी की जाए, तो इस समस्या से राहत मिल सकती है। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि जल्द ही उन्हें इस जाम से निजात मिलेगी।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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