ग्राम पंचायत कुम्हारी में सफाई सिर्फ़ कागज़ों में ज़मीन पर गंदगी का साम्राज्य
ग्राम पंचायत कुम्हारी में स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक तस्वीर दावों से बिल्कुल उल्टा नजर आ रही है। पंचायत रिकॉर्ड में भले ही नियमित सफाई और स्वच्छ भारत मिशन की सफलता दर्शाई जा रही हो, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि गांव गंदगी और अव्यवस्था की चपेट में है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण गांव की निस्तार तलैया है, जो कभी ग्रामीणों के दैनिक उपयोग और पशुओं के पानी का प्रमुख स्रोत हुआ करती थी, आज कचरे का ढेर बन चुकी है।
निस्तार तलैया में घरेलू कचरा, प्लास्टिक, सड़ी-गली सामग्री और गंदा पानी जमा है। चारों ओर दुर्गंध फैली हुई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में यही गंदगी बीमारियों को खुला न्योता देती है, लेकिन इसके बावजूद पंचायत द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी सफाई केवल दिखावे तक सीमित रहती है। कुछ दिनों की खानापूर्ति कर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है, न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही कचरा प्रबंधन की कोई व्यवस्था दिखाई देती है।
सवाल यह है कि जब सरकार स्वच्छता पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो ग्राम पंचायत कुम्हारी में इसके परिणाम क्यों नजर नहीं आ रहे? अब जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचें और कागज़ों से बाहर निकलकर ज़मीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करें, ताकि निस्तार तलैया फिर से अपने वास्तविक स्वरूप में लौट सके।
संवाददाता:- सदशिव साहिल तिवारी

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