सरपंच और सचिव की मनमानी का मामला आया सामने, पंचायत में नियमों को ताक पर रखकर सादे कागजों पर कई किए भुगतान
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत भलुगढ़ में विकास कार्यों के नाम पर किए गए भुगतानों की प्रक्रिया संदेह के घेरे में है। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी प्रकार का भुगतान निर्धारित प्रारूप, वाउचर, मस्टर रोल, तकनीकी स्वीकृति और कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र के आधार पर ही किया जाए। इसके बावजूद सरपंच–सचिव द्वारा सादे कागजों पर हस्ताक्षर कर भुगतान कर दिए गए, जो वित्तीय नियमों का खुला उल्लंघन है।
सूत्रों का कहना है कि जिन कार्यों के लिए भुगतान दर्शाया गया है, उनमें से कई कार्यों की मौके पर वास्तविक स्थिति संदिग्ध बताई जा रही है। कुछ मामलों में कार्य अधूरे होने के बावजूद पूर्ण दर्शाकर राशि निकाल ली गई। इतना ही नहीं, भुगतान से जुड़े अभिलेख पंचायत कार्यालय में विधिवत संधारित भी नहीं पाए गए, जिससे पूरे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरा गई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते जांच होती तो शासकीय धन का दुरुपयोग रोका जा सकता था। वहीं जिम्मेदार अधिकारी मामले की जानकारी से इंकार करते हुए जांच की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
इस संबंध में जानकारों का कहना है कि यदि सादे कागजों पर भुगतान की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आएगा और सरपंच–सचिव के साथ-साथ निगरानी में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल ग्राम पंचायत भलुगढ़ में हुए इन भुगतानों को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है और ग्रामीणों को न्याय का इंतजार है।
संवाददाता :- आशीष सोनी



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