स्थानीय रोजगार नहीं देने का आरोप, प्रबंधन पर तानाशाही की शिकायत, खदान में घुसकर काम कराया बंद


सिंगरौली में एनसीएल की गोरबी परियोजना के ब्लॉक-बी में ओवरबर्डन कार्य कर रही अजंता राधा कंपनी के खिलाफ एक बार फिर विस्थापित ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। 

स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण खदान परिसर में पहुंच गए और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए ओबी का कार्य पूरी तरह बंद करा दिया। अचानक हुए इस विरोध प्रदर्शन से खदान क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। विस्थापित ग्रामीणों का आरोप है कि अजंता राधा कंपनी शुरू से ही स्थानीय लोगों की उपेक्षा कर रही है और रोजगार देने में लगातार आनाकानी कर रही है। ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने का नियम और प्रशासनिक निर्देश होने के बावजूद कंपनी प्रबंधन द्वारा इसका पालन नहीं किया जा रहा है। 

गोरबी पुलिस के हस्तक्षेप पर शांत हुआ मामला

ग्रामीणों का यह भी कहना है कि एनसीएल परियोजना से प्रभावित होने के बावजूद उन्हें रोजगार और अन्य सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, जो उनके साथ अन्याय है। स्थिति को गंभीर होते देख गोरबी पुलिस मौके पर पहुंची और हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को समझाइश दी। पुलिस और प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और खदान क्षेत्र से वापस लौटे। हालांकि विस्थापितों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और उग्र रूप देंगे। उल्लेखनीय है कि अजंता राधा कंपनी पूर्व में भी स्थानीय रोजगार और विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर विवादों में रही है। ताजा विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विस्थापितों की मांगों पर प्रशासन और कंपनी प्रबंधन क्या ठोस कदम उठाते हैं।

संवाददाता :- आशीष सोनी