प्लांटेशन घोटाले के आरोपों पर वन विभाग की कार्यवाही, तत्काल जांच के आदेश जारी
जारी आदेश में टीम को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि दो दिन के भीतर जांच पूरी कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जांच टीम में बरहपान एवं अमिलिया सर्कल के दो डिप्टी रेंजर और तीन बीट गार्ड को शामिल किया गया है। टीम को प्लांटेशन के द्वितीय और तृतीय चरण में कराए गए। निराई-गुड़ाई और पौधों के रखरखाव कार्यों की मौके पर जांच कर वास्तविक स्थिति का आंकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार प्लांटेशन कार्यों में अनियमितता और राशि के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि जांच टीम के गठन को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं। आम आदमी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश सोनी ने आरोप लगाया है कि जिन अधिकारियों पर आरोप लगे हैं, उन्हीं के अधीनस्थ कर्मचारियों को जांच की जिम्मेदारी दी गई है, जिससे जांच की निष्पक्षता पर संदेह उत्पन्न होता है। उन्होंने कहा कि प्लांटेशन कार्यों के नाम पर लाखों रुपए की राशि की बंदरबांट हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर पौधों की उचित देखरेख नहीं हुई।
जांच के नाम पर औपचारिकता
राजेश सोनी ने यह भी आरोप लगाया कि जांच के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई जा रही है और दोषियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका उजागर होगी। आप ने मांग की है कि इस मामले की जांच भोपाल स्तर से स्वतंत्र एजेंसी द्वारा कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। अब विभागीय जांच टीम की रिपोर्ट पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।
इनका कहना:-
प्लांटेशनों के संबंध में जो शिकायत हुई हैं, उसकी जांच के लिए उप वन मण्डलाधिकारी के द्वारा पॉच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दो दिन के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया गया है।
राजकुमार यादव
वन परिक्षेत्रा अधिकारी, रेंज बैढ़न
संवाददाता ;- आशीष सोनी

0 Comments