संबल योजना में खेला, पंचायत में फर्जीवाड़ा का बड़ा आरोप
विजय कुमार जायसवाल के अनुसार पहला मामला चेतमणि हलवाई पिता कामता प्रसाद हलवाई उम्र 30 वर्ष का है, जिनकी मृत्यु 28 मार्च 2018 को आग से जलने के कारण हुई थी। इस घटना का पोस्टमार्टम भी मार्च 2018 में ही कराया गया था, लेकिन ग्राम पंचायत खटाई द्वारा जारी मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु की तारीख 26 अप्रैल 2018 दर्ज की गई है। विजय कुमार जायसवाल ने सवाल उठाया है कि जब मौत और पोस्टमार्टम मार्च में हो चुका था, तो मृत्यु प्रमाण पत्र एक महीने बाद क्यों जारी किया गया, उन्होंने आरोप लगाया कि यह हेरफेर संबल योजना के तहत मिलने वाली 2 लाख की अनुग्रह सहायता राशि दिलाने के उद्देश्य से किया गया। सूत्रों के अनुसार मृतक की पत्नी रूपा देवी हलवाई को यह राशि प्रदान की गई। इसी तरह दूसरा मामला ज्ञानवती केवट पति ज्ञानेंद्र केवट उम्र 32 वर्ष निवासी खटाई का सामने आया है। जानकारी के अनुसार ज्ञानवती केवट की मृत्यु 23 सितंबर 2019 को फांसी लगाने से हुई थी। इस संबंध में खटाई पिवासी राजेन्द्र प्रसाद साहू ने पिछले माह 27 जनवरी को थाना गढ़वा द्वारा सूचना के अधिकार आरटीआई के तहत लिखित जानकारी भी दी गई है। इसके बावजूद ग्राम पंचायत द्वारा संबल योजना के तहत 2 लाख की सहायता राशि प्रदान की गई। विजय का आरोप है कि यह सहायता राशि नियमों को दरकिनार कर फर्जी तरीके से स्वीकृत कराई गई। फिलहाल ग्राम पंचायत खटाई पर पूर्व में लगे उक्त आरोप सही हुआ तो जनपद पंचायत के पूर्व अधिकारी से लेकर सचिव भी सवालों के लपेटे में फंस सकते हैं। अब यह सब कुछ निष्पक्ष जांच के बाद ही संभव हो पाएगा,लेकिन इन आरोपों में कितना दम है, जांच के बाद ही निष्कर्ष निकल पाएगा।
संबल योजना की घोटाले को लेकर चर्चाओं में था जनपद पंचायत
बताया जा रहा है कि इन मामलों की जांच भोपाल स्तर से शुरू की गई थी और कई दस्तावेज भी जुटाए गए थे, लेकिन अचानक जांच की रफ्तार धीमी पड़ गई और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है और लोग दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्राम पंचायत के विजय कुमार जायसवाल ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। विजय कुमार जायसवाल ने कहा कि संबल योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बनाई गई है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। अब समय आ गया है कि सच्चाई सामने आए और दोषियों को कड़ी सजा मिले, ताकि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंच सके।
अधिकारियों के मिलीभगत से ही हुआ फर्जीवाड़ा
शिकायत कर्ता विजय कुमार जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उस समय के पंचायत सचिव और जनपद पंचायत के कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही है। उनके अनुसार बिना प्रशासनिक मिलीभगत के इस तरह का फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला सिर्फ खटाई पंचायत तक सीमित नहीं है, बल्कि चितरंगी जनपद क्षेत्र की कई ग्राम पंचायतों में संबल योजना के नाम पर व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। आरोप यह भी है कि इस पंचायत में एक नही अनेक तरह की अनियमितताएं की गई हैं। कई बार कलेक्टर से लेकर जिला एवं जनपद पंचायत सीईओ के यहां शिकायत की गई, लेकिन जांच कराने से जहां गुरेज किया गया, वहीं अब बमुश्किल से दिन शनिवार को जिला पंचायत से जांच टीम पहुंची है, उसमें भी जांच टीम के दो सदस्य पंचायत पर मेहरवान दिख रहे थे।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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