छतरपुर: 'लड्डू ले लो, बर्फी ले लो, पेड़ा ले लो...' मिठाई की दुकान पर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का अनोखा अंदाज...



पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दुकान के सामने अपनी गाड़ी रुकवाई. बिना किसी औपचारिकता के वह सीधे मिठाई की दुकान में पहुंच गए. वह दुकान मालिक अशोक अग्रवाल की गद्दी पर बैठ गए. दुकान मालिक ने उनका तिलक किया और फिर माला पहनाकर आशीर्वाद लिया.

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर और देश के प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. शनिवार-रविवार की दरमियानी रात मध्य प्रदेश के छतरपुर में उनका अनोखा अंदाज देखने को मिला. हुआ यूं कि वह अचानक शहर के छत्रसाल चौराहे की एक मिठाई की दुकान पर पहुंच गए. उस समय दुकान मालिक अशोक अग्रवाल शॉप बंद करने की तैयारी कर रहे थे. बाबा बागेश्वर को अपनी दुकान में देख एक बार के लिए वह हैरान रह गए. उन्हें यकीन ही नहीं हुआ कि धीरेंद्र शास्त्री इतनी रात को उनकी दुकान पर आएंगे. पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने दुकान के सामने अपनी गाड़ी रुकवाई. बिना किसी औपचारिकता के वह सीधे दुकान में पहुंचे. वह अशोक अग्रवाल की गद्दी पर बैठ गए और खाने के लिए मिठाई की मांग की. दुकान मालिक ने पहले उनका तिलक किया और फिर माला पहनाकर आशीर्वाद लिया. बाबा बागेश्वर ने पहले छेना रसगुल्ले खाए और फिर रसमलाई खाई. इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने मजाकिया अंदाज में आवाज लगाई, ‘लड्डू ले लो, बर्फी ले लो, पेड़ा ले लो.’ बाबा का यह सहज अंदाज वहां मौजूद हर किसी को भा गया.

हमारे जीवन का सौभाग्य:

अशोक अग्रवाल ने कहा कि यह उनके जीवन का सौभाग्य है कि बाबा बागेश्वर आधी रात में हमारी छोटी सी दुकान पर आए. लोग उनसे मिलने का महीनों इंतजार करते हैं और उनका यूं अचानक हमारी दुकान पर आना हमारे परिवार के लिए अविस्मरणीय पल है. बताते चलें कि यह पहली बार नहीं है कि बाबा छतरपुर में इस तरह दिखाई दिए हों. इससे पहले वह कभी चाट की दुकान पर, तो कभी समोसे की दुकान पर जनता के बीच नजर आ चुके हैं.

कथा में ड्यूटी कर रहे थे ASI सुरेंद्र कुमार:

गौरतलब है कि पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के दरबार में नेता हो या अभिनेता, या फिर खाकी वर्दी वाले, बाबा की नजरों से कोई नहीं बच पाता. दो दिन पहले सतना जिले के नागौद ब्लॉक स्थित शिवराजपुर में उनकी हनुमंत कथा चल रही थी. इस दौरान ऐसा ही एक चमत्कार देखने को मिला. सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक एएसआई के मन में चल रही शंका को बाबा ने मंच से ही पढ़ लिया और उन्हें हजारों की भीड़ के बीच से अपने पास बुला लिया. वर्दी में अर्जी लगाने वाले ASI सुरेंद्र कुमार सतना जिले के धारकुंडी थाने में पदस्थ हैं और कथा में ड्यूटी कर रहे थे. सुरेंद्र कुमार पंडाल में अपनी ड्यूटी मुस्तैदी से निभा रहे थे. धीरेंद्र शास्त्री को देखकर उनके मन में एक विचार आया. उन्होंने सोचा कि बाबा सबकी सुनते हैं लेकिन मैं तो ड्यूटी पर हूं. इतनी भीड़ में मिल पाना बहुत मुश्किल होगा. क्या बाबा हमारी सुनेंगे.

धीरेंद्र शास्त्री ने ASI को बुलाया:

आश्चर्यजनक रूप से जैसे ही यह विचार ASI के मन में आया, मंच पर बैठे धीरेंद्र शास्त्री ने उन्हें इशारा कर पास बुला लिया. बाबा ने मुस्कुराते हुए कहा कि तुम मन में यही सोच रहे थे न कि हमें बुलाएंगे या नहीं. यह सुनते ही सुरेंद्र कुमार भावुक हो गए और कहा, ‘महाराज जी, मुझे पूर्ण विश्वास था कि आप मुझे बुलाएंगे. आपने मेरी आत्मा की बात सुन ली.’


- नोफ़िकर न्यूज़ दमोह