मध्यप्रदेश सागर जिले के बंडा छापरी टोल प्लाजा के विरोध में बण्डा -शाहगढ़ का जन-आक्रोश....
मुख्य मांग: "20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी वाहनों को टोल-मुक्त रखा जाए
नियमों की अनदेखी: समाजसेवी दीपक सरवरिया ने आरोप लगाया कि यह टोल प्लाजा निर्धारित मानकों और दूरी के नियमों का उल्लंघन कर बनाया जा रहा है। बिना स्थानीय जन-सुनवाई के निर्माण शुरू करना प्रशासन की तानाशाही को दर्शाता है।
किसानों पर आर्थिक प्रहार
छापरी और आसपास के किसानों को अपनी उपज कर्रापुर और बंडा मंडी ले जाने के लिए बार-बार इसी मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। टोल लगने से किसानों की लागत बढ़ेगी और मुनाफा घटेगा।
शिक्षा और व्यापार पर संकट
बंडा और शाहगढ़ से प्रतिदिन हजारों छात्र उच्च शिक्षा के लिए सागर जाते हैं। वहीं, बंडा का पूरा व्यापार सागर के थोक बाजार पर निर्भर है। टोल के कारण बसों का किराया बढ़ेगा और माल ढुलाई महंगी होने से आम जनता पर महंगाई की मार पड़ेगी
बंडा और शाहगढ़ के लोग विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास के नाम पर लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि प्रशासन ने 20 किमी के दायरे के स्थानीय निवासियों, किसानों और छात्रों के लिए निशुल्क पास की व्यवस्था नहीं की, तो छापरी से लेकर शाहगढ़ तक चक्का जाम किया जाएगा। हम जनप्रतिनिधियों से भी मांग करते हैं कि वे अपनी चुप्पी तोड़ें और जनता के साथ खड़े हों
संघर्ष समिति ने घोषणा की है कि यदि अगले कुछ दिनों में संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया, तो क्षेत्र की समस्त ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर 'महा-पंचायत' बुलाई जाएगी और निर्माण स्थल पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएग...
संवाददाता:- रवि लोधी

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