मुआवजे के लिए भटकती रही विस्थापित महिला,संवेदनहीन अधिकारी ने सिक्योरिटी बुलाकर हटाया
पीड़ित महिला के अनुसार, भूमि अधिग्रहण के एवज में मिलने वाली मुआवजा राशि अब तक लंबित है। वे बीते दो माह से लगातार एनसीएल मुख्यालय पहुंच रही हैं, लेकिन कभी फाइल अधूरी होने की बात कही जाती है तो कभी संबंधित अधिकारी के उपलब्ध न होने का हवाला देकर लौटा दिया जाता है।
महिला ने बताया कि उनकी बेटी की शादी नजदीक है और आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है। इसी को लेकर परसों वे अपने परिजनों के साथ मुख्यालय पहुंचीं और अधिकारियों से मानवीय आधार पर भुगतान की गुहार लगाई। आरोप है कि उनकी बात सुनने के बजाय प्रबंधन ने कार्यालय की सिक्योरिटी बुला ली, जिसके बाद उन्हें परिसर से बाहर कर दिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है।
वहीं एनसीएल प्रबंधन ने इस मामले पर अपना रुख साफ करते हुए बताया कि महिला को आवश्यक दस्तावेज पूरे करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था। प्रबंधन के अनुसार, निर्धारित समय-सीमा पूरी होने से पहले ही महिला दोबारा मुख्यालय पहुंच गई और कार्यालय परिसर में हंगामा करने लगी, जिससे कार्यालय का कामकाज प्रभावित हुआ। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था के तहत सिक्योरिटी को बुलाकर उन्हें बाहर निकलवाया गया।
इस मुद्दे पर स्थानीय लोगों का कहना है कि विस्थापित परिवार पहले ही अपनी जमीन और आजीविका खो चुका है, ऐसे में यदि अपने अधिकार के लिए आवाज उठाने पर भी उन्हें इस तरह अपमानित किया जाए, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में जानबूझकर देरी की जा रही है। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र मुआवजा भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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