उमादेवी खटीक कि विधानसभा में मौत के बाद भी भ्रष्टाचार की मार..

श्मशान के नाम पर खड़े हुए है खंभे...

हटा विधानसभा के अंतर्गत आने वाली कुम्हारी पंचायत के गांव मे अंत्येष्टि हेतु बनाए गए टीन शेड आज भी अधूरे पड़े भ्रष्टाचारियों की भेंट चढ़ गया और पंचायत के द्वारा ध्यान नहीं देने से इसकी हालत बद से बस्तर हो गई है पंचायत और नेताओं के कारण नागरिक परेशान है जो मरने के बाद भी इंसान के लिए मुक्ति धाम की व्यवस्था नहीं कर पाए।

हालात आज भी जस के तस हैं यहां अंतिम यात्रा भी मजबूरियां भरी है गांव में कीचड़ में हालात जस के तस हैं यहां अंतिम यात्रा भी मजबूरियां भरी है तमाम मूलभूत सुविधाएं होने का दावा करते हैं लेकिन सच्चाई तो ये है कि यहां मरने के बाद शव को जलाने के लिए श्मशान घाट मुसीबत भारी है खुले आसमान के नीचे दाह संस्कार करते दिख रहे ये लोग।

अंतिम संस्कार करते हुए ग्रामीण..

मानवीय संवेदनाओं से भरी समस्या के लिए ग्रामीणों ने कुछ नहीं किया इस संबंध में लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया है लेकिन किसी ने सुध नहीं ली और न ही मुक्तिधाम में सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।

अंतिम संस्कार के दौरान मुक्तिधाम में ग्राम के लोगों को जीवित रहते न तो कोई सुविधा नसीब हो रही है, न ही मृत्यु उपरांत मुक्तिधाम नसीब हो रहा है इंसान के स्वर्ग जाने का रास्ता भी अब गड्डों और कीचड़ से भर गया है।

ग्रामीणों का कहना है मुक्तिधाम में लंबे समय से सुविधाओं का है अभाव..

बारिश में जहां बारिश का भय रहता है तो गर्मियों के मौसम में लोग गर्मी का अहसास करते हैं यह मुक्तिधाम अधूरा पड़ा है ऐसा नहीं है कि इसके लिए शासन से बजट नहीं आया रुपये मंजूर होने के बाद भी लापरवाही ने धरातल पर कार्य नहीं किया है जिसका खामियाजा ग्रामवासियों को भुगतना पड़ता है अगर मुक्तिधाम में जल्द ही सुविधाएं व्यवस्थित नहीं की गईं तो आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

संवाददाता: चंदन सिंह लोधी