किसान के बेटे से ‘मामा’ तक: 67 साल के हुए शिवराज सिंह चौहान, 17 साल तक संभाली मध्यप्रदेश की सत्ता


 सीहोर के छोटे से गांव से शुरू हुआ सफर, छात्र राजनीति से लेकर मुख्यमंत्री और अब केंद्र सरकार तक पहुंची पहचान।

 शिवराज सिंह चौहान आज 67 वर्ष के हो गए हैं। सीहोर जिले के छोटे से गांव जैत में जन्मे शिवराज का सफर एक साधारण किसान परिवार से शुरू होकर मध्य प्रदेश की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल होने तक पहुंचा।

छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति तक

कॉलेज के समय से ही शिवराज सिंह चौहान सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे बाद में वे भारतीय जनता पार्टी से जुड़े और 1991 में पहली बार सांसद बने। इसके बाद कई बार लोकसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया

2005 में मुख्यमंत्री बने, बनाया लंबा रिकॉर्ड

साल 2005 में उन्हें मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद अलग-अलग कार्यकाल मिलाकर उन्होंने करीब 17 साल तक प्रदेश की कमान संभाली, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा रिकॉर्ड माना जाता है

‘मामा’ के नाम से बनी पहचान

महिलाओं और बेटियों के लिए चलाई गई योजनाओं की वजह से जनता ने शिवराज सिंह चौहान को “मामा” कहना शुरू कर दिया धीरे-धीरे यह नाम उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक पहचान बन गया

इन योजनाओं ने दिलाई लोकप्रियता

उनके कार्यकाल में कई योजनाओं ने प्रदेश की राजनीति और समाज पर गहरा असर डाला

लाड़ली लक्ष्मी योजना: बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई

लाड़ली बहना योजना: महिलाओं को सीधी आर्थिक सहायता देने वाली योजना।

किसानों पर फोकस: बोनस, सिंचाई परियोजनाएं और कृषि योजनाओं को प्राथमिकता

सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: ग्रामीण सड़कों और कनेक्टिविटी में तेजी से सुधार

पंचायत और ग्रामीण योजनाएं: गांवों के विकास को गति देने की पहल

जमीनी राजनीति उनकी पहचान

गांव-गांव चौपाल लगाना, अचानक दौरे करना और जनता से सीधे संवाद करना शिवराज सिंह चौहान की राजनीति की खास पहचान रही है

अब केंद्र की राजनीति में नई भूमिका

मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद अब वे केंद्र सरकार में भी अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं, जिससे उनकी राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका और मजबूत हुई है।

लेकिन सवाल अभी भी बाकी…

क्या “मामा” की योजनाएं ही उनकी सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत रहीं

क्या 17 साल की सरकार में विकास का फायदा हर गांव तक पहुंच पाया?

क्या भविष्य में भी मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका प्रभाव ऐसा ही रहेगा।

संवाददाता:- राजकुमारी ठाकुर