इंदौर में भीषण आग हादसा: 8 लोगों की मौत, फायर ब्रिगेड की टाइमिंग पर उठे सवाल

                                          


इंदौर के बंगाली चौराहे के पास स्थित ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार एक भीषण आग लगने की घटना सामने आई, जिसमें रबर कारोबारी मनोज पुगालिया और उनकी गर्भवती बहू सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके में शोक की लहर फैला दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की शुरुआत तड़के करीब 3:30 बजे उस समय हुई जब घर में खड़ी कार चार्जिंग पर लगी हुई थी। शुरुआत में हल्का धुआं दिखाई दिया, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास के लोगों ने तुरंत अन्य निवासियों को सतर्क किया और फायर ब्रिगेड को सूचना दी।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, जबकि नजदीकी फायर स्टेशन महज 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उनका कहना है कि यदि फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो आग को ग्राउंड फ्लोर तक ही सीमित किया जा सकता था और कई जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। आग तेजी से फैलकर पहली और फिर दूसरी मंजिल तक पहुंच गई, जिससे अंदर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।

वहीं दूसरी ओर, फायर कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी बयान कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहली सूचना सुबह 4:01 बजे प्राप्त हुई, 4:02 बजे दमकल वाहन रवाना कर दिया गया और 4:19 बजे टीम घटनास्थल पर पहुंच गई। यानी फायर ब्रिगेड का दावा है कि उनका रिस्पॉन्स टाइम मात्र 17 मिनट का था।

इन दोनों दावों के बीच सच्चाई क्या है, यह अब जांच का विषय बन गया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या समय पर राहत पहुंचने से इन 8 जिंदगियों को बचाया जा सकता था?

फिलहाल प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और आग लगने के कारणों के साथ-साथ फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया समय की भी गहन जांच की जा रही है।

संवाददाता :- आस्था विश्वकर्मा