दहेज प्रथा पर रोक लगाने के लिए दमोह में जागरूकता अभियान
दमोह जिले में दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीति को खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। सामाजिक संगठनों, महिला समूहों और प्रशासन के सहयोग से लोगों को दहेज न लेने और न देने की शपथ दिलाई जा रही है।
अभियान के दौरान आयोजित कार्यक्रमों में वक्ताओं ने बताया कि दहेज प्रथा के कारण कई परिवार आर्थिक संकट का सामना करते हैं और कई बार महिलाओं को मानसिक तथा शारीरिक उत्पीड़न झेलना पड़ता है। समाज में बढ़ती ऐसी घटनाओं को देखते हुए लोगों को जागरूक करना आवश्यक है।
युवाओं और छात्रों को विशेष रूप से दहेज मुक्त विवाह करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्कूल-कॉलेजों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि नई पीढ़ी इस सामाजिक बुराई के खिलाफ आगे आए।
महिला संगठनों ने प्रशासन से भी अपील की है कि दहेज लेने-देने वाले मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए। समाज के कई लोगों का मानना है कि यदि सभी लोग मिलकर प्रयास करें तो दहेज प्रथा जैसी कुरीति को समाप्त किया जा सकता है।
समाज में दहेज से जुड़ी समस्याएँ कई बार गंभीर घटनाओं तक पहुंच जाती हैं, जिनमें महिलाओं पर अत्याचार के मामले भी सामने आते हैं। दमोह समेत कई क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं ने दहेज के खिलाफ सख्ती और जागरूकता की जरूरत को और अधिक बढ़ा दिया है
संवाददाता:– रविता विश्वकर्मा

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