नर्मदा में अवैध रेत उत्खनन पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान सख्त,अधिकारियों को लगाई फटकार

                                             


नर्मदा नदी में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ अब केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मोर्चा खोल दिया है सीहोर में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने न केवल इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जताई बल्कि सबूत के तौर पर अधिकारियों को वीडियो दिखाकर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए।

बैठक में दिखा कड़ा रुख

जानकारी के अनुसार शिवराज सिंह चौहान सीहोर में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति की बैठक ले रहे थे इसी दौरान उन्होंने अपने मोबाइल पर अवैध उत्खनन का एक ताजा वीडियो कलेक्टर बाल गुरु को दिखाया वीडियो दिखाते हुए उन्होंने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा "जाकर देखिए... यह कल रात का ही वीडियो है।" पेन ड्राइव के जरिए दी चेतावनी

सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय मंत्री अपने साथ एक पेन ड्राइव भी लेकर पहुंचे थे जिसमें अवैध उत्खनन से जुड़े कई साक्ष्य होने का दावा किया जा रहा है उन्होंने जिला प्रशासन को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ और उत्खनन नहीं रुका तो इसके गंभीर परिणाम होंगे उनका सीधा इशारा नर्मदा नदी के संरक्षण और वहां चल रहे अवैध कारोबार को रोकने की ओर था।

सियासी बयानबाजी और पलटवार

इस घटनाक्रम के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर भी शुरू हो गया है कांग्रेस के पूर्व प्रत्याशी और नर्मदा परिक्रमावासी विक्रम मस्ताल ने इस मामले पर तंज कसते हुए केंद्रीय मंत्री से सवाल किया है मस्ताल ने सोशल मीडिया के माध्यम से पूछा कि क्या इस पेन ड्राइव में पिछले 20-25 सालों के अवैध उत्खनन का भी रिकॉर्ड है या केवल हालिया घटनाओं का? 

उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि देर से ही सही कम से कम मंत्री जी को 'मां नर्मदा' की याद तो आई लंबे समय से चर्चा में है मुद्दा नर्मदा नदी में अवैध रेत उत्खनन का मामला मध्य प्रदेश में लंबे समय से एक गंभीर समस्या बना हुआ है केंद्रीय मंत्री के इस कड़े रुख के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है अब देखना यह होगा कि मंत्री की इस सख्ती के बाद धरातल पर अवैध उत्खनन के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई की जाती है।