पाप' के साम्राज्य का अंत, खुद को अवतार बताने वाला बाबा गिरफ्तार..

🔴नासिक/मुंबई 
महाराष्ट्र में भक्ति और विश्वास के नाम पर चल रहे एक बड़े सेx और ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। खुद को 'मर्चेंट नेवी का कैप्टन' बताने वाले स्वयंभू बाबा अशोक खरात की गिरफ्तारी ने राज्य की सियासत में भूचाल ला दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।

आस्था की आड़ में 'गंदा खेल'


नाशिक पुलिस की तफ्तीश में अशोक खरात के काले साम्राज्य की जो परतें खुली हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाली हैं:
डिजिटल ब्लैकमेलिंग: पुलिस ने पेन ड्राइव से 58 से ज्यादा अश्लील वीडियो बरामद किए हैं। आरोप है कि महिलाओं को नशीली दवाएं देकर उनका शोषण किया जाता था और फिर वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।
300 करोड़ का साम्राज्य: ज्योतिष के नाम पर ठगी कर बाबा ने करीब 300 करोड़ की जमीनें, आलीशान बंगले और 10 करोड़ का फार्महाउस खड़ा कर लिया था।


गंभीर धाराएं
बाबा पर बलात्कार, धोखाधड़ी और ड्रग्स सप्लाई जैसी संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

वायरल वीडियो और राजनीतिक घमासान
इस कांड ने राजनीतिक मोड़ तब लिया जब सोशल मीडिया पर रूपाली चाकणकर के पुराने वीडियो वायरल हो गए। वीडियो में वे बाबा के पैर धोती (पाद्यपूजा) और उनके प्रति अत्यधिक समर्पण दिखाती नजर आ रही हैं।

विपक्ष का प्रहार
शिवसेना (UBT) ने तीखा हमला बोलते हुए चाकणकर को इस मामले में सह-आरोपी बनाने की मांग की है। विपक्ष का सवाल है कि महिलाओं की रक्षक ही भक्षक के दरबार में क्या कर रही थीं?


सफाई और इस्तीफा
दबाव बढ़ता देख रूपाली चाकणकर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी श्रद्धा व्यक्तिगत थी और उन्हें खरात की आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।


अंधभक्ति का अंजाम
यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या रसूख और चकाचौंध के आगे हम अपनी और अपनों की सुरक्षा भूल जाते हैं? कोई भी चोला पहन लेने से व्यक्ति 'पवित्र' नहीं हो जाता सर्तकता ही सुरक्षा है।