जनसंख्या की दृष्टि से आधी आबादी को जिला कार्यकारिणी में नही मिली जगह, कांग्रेस पार्टी की होने लगी है फजीहत
सिंगरौली जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर एवं ग्रामीण की नवीन कार्यकारिणी घोषित होने के बाद विवादों में घिर गई है। अभी तक एससी वर्ग के वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला था कि अब महिला नेत्रियों ने नव गठित जिला कार्यकारिणी पर गंभीर सवाल खड़ा कर नेताओं को सवालों के कटघर्रे में खड़ा कर दी है।
दरअसल दो दिन पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी सिंगरौली शहर एवं ग्रामीण का जिला कार्यकारिणी का ऐलान हुआ। इस कार्यकारिणी में एससी वर्ग के नेताओं को पद से नवाजे न जाने पर सुदामा प्रसाद साकेत, सुरेन्द्र साकेत, राजकुमार दिपांकर ने पार्टी पर गंभीर सवाल उठाया था, जिस पर कांग्रेस पार्टी में हड़कंप मच गया और अब कांग्रेसी महिला नेत्रियों ने कार्यकारिणी पर गंभीर सवाल खड़ा किया है। कांग्रेस नेत्री सुषमा वर्मा ने मीडिया कर्मियों से कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व के मंशानुरूप कार्यकारिणी की सूची में भारी कमी है। जिस वर्ग के उत्थान की बात पार्टी करती है, उस वर्ग को स्थान नही मिला है। उन्होंने पार्टी के नेताओं पर सवाल उठाया। वहीं पूर्व मेयर प्रत्याशी कांग्रेस नेत्री संगीता सिंह ओयाम ने कहा कि राजनीति में सभी समाज को लेकर चलना पड़ता है। इस सूची में एसटी-एससी वर्गो के लोगों को नजरअंदाज किया गया है। क्या पार्टी के लोगों को उनकी वोट की जरूरत नही है। उन्होंने कहा कि यदि चार-पॉच पर जनरल कोटे से शहर के जिलाध्यक्ष बने हैं, तो ओबीसी, एससी-एसटी वर्ग के कार्यकर्ताओं को क्यों मौका नही दिया जा रहा है।
वरिष्ठ नेता शिवकुमार पटवा ने सूची पर जताई आपत्ति
कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं देवसर निवासी शिवकुमार पटवा ने भी जिला कांग्रेस कमेटी के गठन पर आपत्ति जताई है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से अपनी पीड़ा का इजहार किया और कहा कि वरिष्ठजनों को जगह नही दी गई है। कहीं न कहीं पार्टी के नेता समन्वय स्थापित करने में सफल नही दिखे। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी को हर वर्ग एवं समाज के लोगों को ध्यान में रखकर कार्य करना चाहिए, तभी पार्टी सशक्त होगी। अन्यथा पार्टी के ही लोग अपने पर ही उंगली उठाएंगे और इस कार्यकारिणी में कहीं न कहीं वरिष्ठजनों को नजरअंदाज किया गया है।
संवाददाता:–आशीष सोनी

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