नो फिकर फाउंडेशन की सदस्य एडवोकेट मोनिका शर्मा को अंतरराष्ट्रीय हिंदी गौरव सम्मान

वैसे तो कलाओं को न दबाया जा सकता है और ना ही छुपाया जा सकता हैं क्योंकि प्रतिभाएं स्वयं ही अपने आपको बाहर निकालने में सक्षम होती है। इस बात को एक बार फिर साबित करके दिखाया है छोटे से गांव बड़ौदिया की एक बेटी ने। दरअसल, हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय युवा अधिवक्ता बड़ौदिया निवासी एडवोकेट मोनिका शर्मा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर "हिंदी गौरव सम्मान 2026 से दुबई में सम्मानित किया गया है। यह सम्मान अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था अंतरराष्ट्रीय साहित्य अर्पण, दुबई द्वारा हिंदी भाषा और साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रचनाकारों को प्रदान किया जाता है। गौरतलब है कि मोनिका शर्मा विधि के क्षेत्र में सक्रिय रहने के साथ-साथ हिंदी साहित्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी निरंतर कार्य कर रही हैं। उनकी पुस्तक 21वीं सदी की नारी भी प्रकाशित हो चुकी है, जिसमें समकालीन समाज में महिलाओं की भूमिका और सशक्तिकरण से जुड़े विषयों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया है। बालिका के परिजन रमणलाल शर्मा बताते हैं कि बालिका के पिता ग्राम बड़ोंदिया में ही रहकर छोटी सी आटा-चक्की की दुकान संचालित करते हैं। बालिका की प्रतिभा को पहचान कर उसे पढ़ाई के लिए बाहर भेजा गया था।

30 से अधिक सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं एडवोकेट मोनिका शर्मा 


मोनिका के भाई विमल शर्मा ने बताया कि मोनिका अब तक साहित्य और हिंदी भाषा के प्रति उनके योगदान के लिए लगभग 30 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं। मोनिका कहती हैं कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम ही नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और पहचान की अभिव्यक्ति है। वे आगे भी हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार तथा समाज में कानूनी जागरूकता के लिए निरंतर कार्य करती रहेंगी।