सरई नगर परिषद में पुल निर्माण पर भ्रष्टाचार के आरोप, घटिया गुणवत्ता से बढ़ी नाराजगी

वार्ड 11 में बन रहे पुल को लेकर ग्रामीणों का विरोध, जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय नगर परिषद क्षेत्र में चल रहे पुल निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। वार्ड क्रमांक 11 में निर्माणाधीन पुल पर स्थानीय ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। करीब तीन वर्षों से जारी इस कार्य की धीमी प्रगति और वर्तमान स्थिति को देखकर लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में तय मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि पुल निर्माण में सरिया और सीमेंट की मात्रा कम रखी जा रही है, जबकि गिट्टी और रेत का अत्यधिक उपयोग किया जा रहा है। इससे पुल की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों को आशंका है कि यह पुल पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो सकता है, जिससे जनहानि का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद के अधिकारियों, सीएमओ, इंजीनियर और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शासन द्वारा विकास कार्यों के लिए दी गई धनराशि का दुरुपयोग किया जा रहा है और निर्माण कार्य में पारदर्शिता का अभाव है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने जिला कलेक्टर से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित ठेकेदार का लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। इस मुद्दे पर आम नागरिकों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है और जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जब तक व्यवस्था में सुधार नहीं होता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। सरई नगर परिषद का यह मामला एक बार फिर विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है और आम जनता को कब तक न्याय मिल पाता है।

संवाददाता:– आशीष सोनी