मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में ही नहीं अग्निशमन केंद्र गर्मी आते ही खलिहानों में मंडराने लगा आग का खतरा
सिंगरौली में गर्मी का मौसम शुरू होते ही चितरंगी क्षेत्र के हजारों किसानों की चिंता बढ़ने लगी है। खेतों में महीनों की कड़ी मेहनत से तैयार हुई फसल अब खलिहानों में आने वाली है लेकिन आग से सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र में अग्निशमन की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है
बताया जा रहा है सिंगरौली जिले के चितरंगी ब्लॉक में आज तक एक भी अग्निशमन केंद्र स्थापित नहीं किया गया है। यदि कहीं खेत, खलिहान या गांव में आग लग जाती है तो दमकल वाहन लगभग 60 किलोमीटर दूर सिंगरौली या एनसीएल क्षेत्र से बुलाना पड़ता है।
युवा नेता लक्ष्मण बैस गत लोकसभा प्रत्याशी ने कहें अन्य मौसम के साथ-साथ खासकर गर्मी में भीषण आग लगे स्थल मौके में जब तक दमकल पहुंचती है तब तक मकान दुकान खाक होने के साथ-साथ कई बार किसानों की सालभर की मेहनत से तैयार अनाज मौजूदा शासन के नाकामी के चलते आग की भेंट चढ़ जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि हर साल गर्मी के मौसम में आगजनी की घटनाओं का खतरा बना रहता है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और निर्वाचित जन प्रतिनिधियों ने इस गंभीर समस्या पर कभी ठोस पहल नहीं की। सवाल उठता है कि आखिर लगभग 100 किलोमीटर में फैला चितरंगी जैसे बड़े क्षेत्र में आज तक अग्निशमन केंद्र क्यों नहीं बनाया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि चितरंगी क्षेत्र प्रदेश की पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री राधा सिंह का गृह ग्राम विधानसभा क्षेत्र कहा जाता है। ऐसे में क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि मंत्री चाहें तो यहां अग्निशमन केंद्र स्थापित करना कोई बड़ी बात नहीं है।
ग्रामीण व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि यदि व्यवस्था नहीं हुई तो कहीं ऐसा न हो कि जब खेतों और खलिहानों में आग लगे तब दमकल आने तक पूरा अन्न राख हो जाए और किसानों के घरों तक अनाज के बदले सिर्फ “खबर” ही पहुंचे।
पूर्व में आग से प्रभावित लोग एवं क्षेत्र वासी किसनों ने खबर के माध्यम सरकार से मांग की है कि चितरंगी ब्लॉक में तत्काल एक पूर्णकालिक अग्निशमन केंद्र स्थापित किया जाए, ताकि आग जैसी आपदा के समय तुरंत राहत मिल सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके।
क्षेत्र के लोगों का यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में कोई और बड़ी आगजनी की घटना प्रशासन और निर्वाचित जन प्रतिनिधियों की लापरवाही नाकामी को उजागर कर सकती है।
अब बड़ा सवाल यह है – क्या चितरंगी के जनता व्यापारी किसानों की सुरक्षा के लिए सरकार जागेगी, या फिर किसी बड़ी त्रासदी का इंतजार किया जाएगा ?
संवाददाता :- आशीष सोनी

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