क्या महंगी होगी खाद? यूरिया की किल्लत की खबरों के बीच मोदी सरकार ने जारी किया बयान...



पश्चिम एशिया संकट के बीच दुनिया भर में एलपीजी गैस की भारी किल्लत की खबर सामने आ रही है। एलपीजी गैस के बाद अब यूरिया की कमी की खबरों के बीच सरकार सरकार का बयान सामने आया है। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों के बावजूद खाद का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। यह स्टॉक करीब 180 लाख मीट्रिक टन (LMT) है, जबकि एक साल पहले यह 147 LMT था।


किसानों के लिए बड़ी राहत:

हालांकि, खाद विभाग की अतिरिक्त सचिव अपर्णा शर्मा ने कहा कि घरेलू यूरिया उत्पादन पर असर पड़ा है। उन्होंने मंत्रालयों के बीच हुई एक ब्रीफिंग में कहा कि आज की तारीख में, हमारे पास स्टॉक की स्थिति पर्याप्त है। यूरिया और डायअमोनियम फॉस्फेट (DAP) किसानों को तय कीमतों पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सप्लाई नियंत्रण में है। शर्मा ने कहा कि वैश्विक खाद बाज़ार पर असर पड़ा है और मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण कीमतें बढ़ गई हैं। हमारी माल ढुलाई की लागत भी बढ़ गई है।

खेती पर नहीं पड़ेगा जंग का असर:

कृषि क्षेत्र की मांग को पूरा करने के लिए भारत यूरिया और फॉस्फेटिक खाद के आयात पर निर्भर है। इस निर्भरता को देखते हुए, स्थिर और सुनिश्चित सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए, खाद विभाग ने भारतीय कंपनियों KRIBHCO, IPL और CIL तथा सऊदी अरब की कंपनी Maaden के बीच लंबी अवधि के समझौतों पर हस्ताक्षर करवाने में मदद की है। इन समझौतों के तहत, 2025-26 से 2029-30 तक पांच साल की अवधि में भारत को सालाना 31 लाख मीट्रिक टन (LMT) DAP और NPK की सप्लाई की जाएगी।


इन देशों से मांगी जा रही हैं सप्लाई:

अपर्णा शर्मा ने आगे बताया कि अप्रैल और मई आम तौर पर ऐसे महीने होते हैं जब काम थोड़ा धीमा होता है और इस समय का इस्तेमाल स्टॉक जमा करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि सप्लाई की व्यवस्था पहले से ही कर ली गई थी। उन्होंने कहा, 'हम अपने सप्लाई के स्रोतों में विविधता ला रहे हैं और रूस, मोरक्को, ऑस्ट्रेलिया, अल्जीरिया, मिस्र, इंडोनेशिया, मलेशिया, कनाडा आदि देशों से सप्लाई मंगा रहे हैं।'


पेट्रोल-डीजल और LPG पर बड़ा अपडेट:

आपको बता दें कि इस बीच, पेट्रोलियम मंत्रालय में मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने अपने नियमित ब्रीफिंग में बताया कि सभी उत्पादों का स्टॉक पर्याप्त है और देश में पेट्रोल, डीजल, LPG और LNG का पर्याप्त भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल का स्टॉक पर्याप्त है। मंत्रालयों ने पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) के बुनियादी ढांचे के विस्तार का समर्थन किया है, और साथ ही कमज़ोर वर्गों के लिए राहत उपाय भी शुरू किए गए हैं।


संवाददाता- कुनाल कुर्मी