सड़को कि दीन दशा सुधारने पार्षद क़ो बैठना पड़ा धरने पर

ग्वालियर का पॉश इलाका कहा जाने वाला बसंत विहार आजकल अपनी बदहाल सड़कों के लिए चर्चा में है। यहाँ सड़कें इतनी जर्जर हो चुकी हैं कि अब सड़क में गड्ढे नहीं, बल्कि गड्ढों में सड़क ढूंढनी पड़ रही है। इस समस्या से रहवासी लंबे समय से जूझ रहे हैं।

पार्षद अपर्णा पाटिल का कहना है कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए हर मुमकिन कोशिश की। वे नेताओं से मिलीं और अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर भी काटे, लेकिन जब किसी ने उनकी सुध नहीं ली, तो उन्होंने खुद मोर्चा संभाल लिया। 34°C की चिलचिलाती धूप और गर्मी की परवाह किए बिना, वे सड़क के एक बड़े गड्ढे में जाकर बैठ गईं।

धरने के दौरान उन्होंने प्रशासन पर तीखा प्रहार करते हुए कहा:"शायद अधिकारी बहरे हो गए हैं जो हमारी आवाज नहीं सुन रहे, लेकिन उम्मीद है कि वे अंधे नहीं होंगे। मैं यहाँ इसलिए बैठी हूँ ताकि उन्हें इन गड्ढों को देखकर थोड़ी शर्म आए और इस पॉश इलाके की जनता को इन खराब सड़कों से निजात मिल सके।"

इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि पार्षद के इस 'गड्ढा सत्याग्रह' के बाद सड़कों की मरम्मत का काम कब शुरू होता है।

संवाददाता - अंशुल सोनी