51 लाख खर्च के बावजूद जिला अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम अधूरा, मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल
सागर। जिला अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। करीब 51 लाख रुपये की लागत से लगाया जा रहा आधुनिक फायर फाइटिंग सिस्टम दो साल बीत जाने के बाद भी पूरी तरह तैयार नहीं हो सका है। सिस्टम के अधूरा रहने के कारण अस्पताल को अब तक नगर निगम से फायर एनओसी भी प्राप्त नहीं हुई है।
अस्पताल परिसर में फायर अलार्म, स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट और कंट्रोल पैनल जैसी जरूरी सुरक्षा सुविधाएं स्थापित की जानी थीं, लेकिन इनमें से कई काम अब भी अधूरे पड़े हैं। कई जगह पाइपलाइन का काम पूरा नहीं हुआ है, जबकि कंट्रोल पैनल बंद स्थिति में हैं। स्प्रिंकलर सिस्टम का ट्रायल भी अब तक नहीं किया गया है। कुछ उपकरण लंबे समय से बिना उपयोग के धूल खा रहे हैं, जिससे पूरी परियोजना की स्थिति पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगर निगम की ओर से अस्पताल प्रबंधन को हर साल फायर सेफ्टी प्लान और संबंधित दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि तीन साल पहले अस्पताल ने प्री-एनओसी प्राप्त की थी, लेकिन उसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहीं पांच साल पहले फायर सेफ्टी प्लान को स्वीकृति मिली थी।
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार अस्पताल हाई रिस्क श्रेणी में आता है, जहां ऑक्सीजन सिलेंडर, इलेक्ट्रिकल उपकरण और ज्वलनशील दवाइयां बड़ी मात्रा में मौजूद रहती हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर आईसीयू और गंभीर वार्डों में भर्ती मरीजों के लिए जोखिम और अधिक बढ़ जाता है।
अस्पताल के प्रभारी आरएमओ डॉ. अभिषेक ठाकुर का कहना है कि हाल ही में भोपाल स्तर पर अधिकारियों को पत्र भेजकर फायर सिस्टम का काम जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया गया है। उन्होंने बताया कि एजेंसी का कार्य तभी पूर्ण माना जाएगा जब उसे नगर निगम से फायर एनओसी प्राप्त होगी। प्रशासन का दावा है कि गर्मी के मौसम को देखते हुए इस परियोजना को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है, क्योंकि इस दौरान आगजनी की घटनाओं की संभावना अधिक रहती है।
संवाददाता:- स्वाति रजक

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