ओबीसी महासभा दमोह जिला अध्यक्ष रवि सिंह लोधी के नेतृत्व में दमोह कलेक्ट्रेट में ज्ञापन प्रदर्शन
स्वर्गीय महेंद्र सिंह लोधी के परिवार को न्याय दिलाने आए क्रांतिकारियों पर 11 फरवरी को साजिश के तहत हुई FIR वापस ली जाए, 27% OBC आरक्षण लागू किया जाए और 13% होल्ड हटाया जाए, UGC नियम लागू किए जाएं जैसी मांगो के साथ दिया गया ज्ञापन, जिसमें मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे...
महेंद्र सिंह लोधी द्वारा पुलिस
प्रताड़ना एवं अन्य मानसिक उत्पीड़न के कारण आत्महत्या कर ली गई थी। यह अत्यंत
दुःखद एवं चिंताजनक घटना है, जिससे एक 23 वर्षीय विधवा एवं 6 माह के मासूम बच्चे का जीवन
संकट में आ गया है।
इस घटना के विरोध एवं पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने हेतु दिनांक 11 फरवरी
2026 को दमोह कलेक्ट्रेट का घेराव कर विशाल आंदोलन किया गया,
जिसमें हजारों की संख्या में लोग सम्मिलित हुए। परंतु कुछ
षड्यंत्रकारी तत्वों एवं कुछ पत्रकारों द्वारा आंदोलन को असफल करने के उद्देश्य से
भ्रामक जानकारी फैलाकर एवं लोगो को उकसाने एवं स्वयं पुलिस के दंडों से
आंदोलनकारियों के ऊपर हमला कर आंदोलन को प्रभावित किया ।
इसके उपरांत आंदोलनकारियों के विरुद्ध षड्यंत्रपूर्वक SC/ST
एक्ट के तहत झूठी FIR दर्ज कराई गई, जिसके चलते कई निर्दोष साथियों को जेल भी भेजा गया,
जिन्हें बाद में जमानत पर रिहा कराया गया।
ओबीसी महासभा द्वारा दिनांक 28 फरवरी 2026 को पुनः बड़े आंदोलन की घोषणा की गई,
जिसके पश्चात दमोह प्रशासन (कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक)
द्वारा वार्ता कर हमारी मांगों को स्वीकार करते हुए 10 मार्च 2026 तक कार्यवाही
करने का आश्वासन दिया गया था। जिसके लिए 28 फरवरी को ही टीम गठित कर दी गई थी
परंतु आज दिनांक तक किसी भी प्रकार की ठोस कार्यवाही नहीं की गई है।
1- स्व. महेंद्र सिंह लोधी प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
घटना में संलिप्त दोषी पत्रकारों एवं षड्यंत्रकारी तत्वों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
2- आंदोलन में बाधा उत्पन्न करने एवं षड्यंत्र में सहयोग करने वाले दोषी पुलिस
कर्मचारियों पर सख्त कानूनी कार्यवाही की जाए।
3- आंदोलनकारियों के विरुद्ध दर्ज सभी झूठी FIR तत्काल प्रभाव से वापस ली जाएं।
4- पीड़ित परिवार (विधवा पत्नी एवं शिशु) को आर्थिक सहायता एवं सुरक्षा प्रदान
की जाए।
5- प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन के अनुसार गठित टीम की रिपोर्ट सार्वजनिक की
जाए एवं शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
यदि ओबीसी महासभा मांग करता है कि उपरोक्त मांगों पर शीघ्र कार्यवाही करते हुए
पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। अन्यथा ओबीसी महासभा बाध्य होकर एक बड़े जन
आंदोलन के लिए तैयार होगी, जिसकी
संपूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन दमोह की होगी।
अब देखना दिलचस्प रहेगा की ओबीसी महासभा स्वर्गीय महेंद्र सिंह लोधी के परिवार को न्याय दिलाने में सफल होता है या फिर दमोह प्रशासन केवल आश्वासन देकर हमेशा की तरह जागरूक होने का दिखावा ही करता रहेगा...

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