दमोह में लव जिहाद के विरोध में प्रदर्शन: अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे तो हिंदू संगठनों ने अपनाया नया रास्ता...
दमोह में शनिवार दोपहर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने 'लव जिहाद' की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने घंटाघर पर पुतला दहन किया और नारेबाजी की। अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचे, जिसके बाद कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौराहे पर जाम लगा दिया।
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपने का प्रयास:
यह विरोध प्रदर्शन अस्पताल चौराहे से शुरू हुआ, जिसके बाद कार्यकर्ता घंटाघर पहुंचे। उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक स्थित टीसीएस कंपनी में हुई कथित 'लव जिहाद' की घटना के विरोध में पुतला दहन किया। संगठन के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम प्रभारी एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया। ज्ञापन में सरकार से ऐसी घटनाओं पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की गई थी।
नाशिक की टीसीएस कंपनी में 180 हिंदू लड़कियां लवजिहाद का शिकार:
विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल के जिला संयोजक गोलू चौबे ने बताया कि नासिक की टीसीएस कंपनी में 180 हिंदू लड़कियों के साथ कथित 'लव जिहाद' की घटना के विरोध में शनिवार को पूरे भारत में पुतला दहन और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार और प्रशासन इस प्रकार की मानसिकता पर ठोस कार्रवाई नहीं करता है, तो हिंदू संगठन अपने स्तर पर कार्रवाई करेगा।
पुतला दहन के बाद कार्यकर्ताओं को अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपना था, लेकिन निर्धारित समय पर कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा। इससे संगठन के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए और उन्होंने घंटाघर चौराहे पर सड़क जाम कर दी।
ज्ञापन लेने के लिए मौके पर अधिकारी नहीं थे मौजूद:
हालांकि कोतवाली पुलिस मौजूद थी, लेकिन संगठन के लोगों का कहना था कि जब अधिकारियों को पता था कि ज्ञापन सौंपा जाना है तो वह समय पर क्यों नहीं पहुंचे। सूचना मिलते ही प्रभारी एसडीम रचना प्रजापति मौके पर पहुंची इसके बाद संगठन के लोगों ने अपना ज्ञापन सोपा और विरोध प्रदर्शन खत्म किया। संगठन के लोगों ने ज्ञापन में बताया देश के विभिन्न नगरों में वन भूमि, सार्वजनिक भूमि, रेल विभाग एवं सेना की सुरक्षित भूमि पर सुनियोजित तरीके से अवैध कब्जे किए जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा को चुनौती है। समाज में वैमनस्य फैलाने के उद्देश्य से खान-पान की वस्तुओं को अपवित्र करने की घटनाएँ निरंतर सामने आ रही हैं, जिससे नागरिकों की धार्मिक भावनाओं और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इसलिए इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जाए।
संवाददाता- कुणाल कुर्मी


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