ये क्या खाना है? दमोह छात्रावास में औचिक निरीक्षण, RO मशीन बंद और मच्छर देख भड़के कलेक्टर, दाल चखते ही मचा हड़कंप...
दमोह जिले के नवागत कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने शुक्रवार दोपहर शहर की सुभाष कॉलोनी स्थित अनुसूचित जाति-जनजाति बालिका छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया और कई गंभीर लापरवाहियां उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने छात्राओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। रसोई में पहुंचकर उन्होंने भोजन की गुणवत्ता जांचने के लिए रोटी, चावल और दाल चखी। दाल में अत्यधिक लाल मिर्च पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इतना तीखा भोजन छात्राओं के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों को मीनू के अनुसार संतुलित और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। रसोई निरीक्षण के दौरान सुबह 11 बजे तक सब्जी तैयार नहीं होने पर भी कलेक्टर ने नाराजगी जाहिर की और जिम्मेदारों को समय पर भोजन तैयार करने की सख्त हिदायत दी। छात्राओं ने पेयजल व्यवस्था को लेकर शिकायत की, जिस पर निरीक्षण में RO सिस्टम लंबे समय से बंद और वाटर कूलर भी खराब मिला। कलेक्टर ने इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। छात्रावास परिसर में मच्छरों की समस्या और भवन की जर्जर स्थिति भी सामने आई। कई स्थानों पर छत का प्लास्टर झड़ रहा था। कलेक्टर ने मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों को चेताया।
निरीक्षण के दौरान जताई गड़बड़ी की आशंका:
निरीक्षण के दौरान छात्रावास की स्वीकृत सीटों और दर्ज छात्राओं की संख्या में भी गड़बड़ी की आशंका जताई गई। कलेक्टर ने सूची का सत्यापन कर फर्जी नाम हटाने और पात्र छात्राओं को लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उपस्थिति रजिस्टर में पूरे अप्रैल माह की एंट्री नहीं मिलने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी जताई। अधिकारियों ने ऑनलाइन सिस्टम बंद होने की बात कही, जिस पर पोर्टल को जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें और मेहनत व अनुशासन के साथ आगे बढ़ें। प्रशासन उनकी हर संभव मदद करेगा। निरीक्षण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद छात्रावास की व्यवस्थाओं को लेकर शहर में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
संवाददाता- कुणाल कुर्मी

0 Comments