पेड़ों की अवैध कटाई, फर्जी बिल-वाउचर और ग्रामीणों में दहशत—निष्पक्ष जांच की उठी मांग
सिंगरौली जिले के बंधा क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। सामने आए दस्तावेज़ों और ग्रामीणों के आरोपों ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। आरोप है कि वन विभाग और कंपनी की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर पेड़ों की अवैध कटाई कराई जा रही है, जबकि नियमों का खुला उल्लंघन हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पेड़ कटाई के दौरान कंपनी के कर्मचारी और बाहरी लोग बड़ी संख्या में तैनात रहते हैं, जो गांव वालों को धमकाते हैं और विरोध करने पर गाली-गलौज व दबाव बनाते हैं। इससे पूरे इलाके में भय और आतंक का माहौल बना हुआ है।
मामले में यह भी आरोप है कि पेड़ों की कटाई और दोहन के नाम पर कंपनी द्वारा वन विभाग के खाते में जमा धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ठेकेदारों के माध्यम से कार्य कराकर फर्जी बिल और वाउचर बनाकर लाखों-करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया जा रहा है। ग्रामीणों ने इसे बड़े स्तर का भ्रष्टाचार बताया है।
इसके अलावा, वन भूमि पर अवैध जुताई और उत्खनन के भी गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि पूरे सर्किल क्षेत्र में वर्षों से अवैध गतिविधियां जारी हैं, जिससे शासन को भारी राजस्व नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की जांच के लिए एक स्वतत्र कमेटी बनाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
डिप्टी रेंजर पर भी गंभीर सवाल उठे हैं। आरोप है कि वर्षों से पदस्थ अधिकारी अपने मुख्यालय में न रहकर अन्य स्थान पर रहते हैं, जिससे कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। उनके कार्यकाल में तेंदूपत्ता, विकास कार्य और अन्य योजनाओं में भी व्यापक अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
भूमि अर्जन में भी गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। एक ही प्रकार की संरचनाओं के लिए अलग-अलग दर तय कर भुगतान किया गया, जिससे भ्रष्टाचार की आशंका और गहरी हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत और जांच की मांग के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मांग: ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि:-
पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक लगे
स्वतंत्र जांच कमेटी गठित की जाए
फर्जी बिल और भ्रष्टाचार की जांच हो
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो
वन भूमि पर अवैध कब्जा और उत्खनन रोका जाए
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और शासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
संवाददाता :- आशीष सोनी

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