खुरई डोहेला महोत्सव में बवाल: सैकड़ों कुर्सियां तोड़ीं, पुलिस ने आरोपियों को दबोचा
तीन देवता डोहेला महोत्सव, जो सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है, इस बार हिंसा और अव्यवस्था की वजह से सुर्खियों में आ गया। 5 से 7 अप्रैल के बीच किला मैदान में आयोजित इस महोत्सव के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ दिया, जिससे भारी नुकसान हुआ और पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रमों का आनंद लेने पहुंचे थे, लेकिन इसी दौरान अचानक कुछ युवकों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया। देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। घटना में करीब 684 कुर्सियां तोड़ दी गईं, जिससे नगर पालिका को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी।
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें कुछ युवक और बच्चे कुर्सियां उठाकर ले जाते और तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। इसने न सिर्फ आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
घटना के बाद नगर पालिका कर्मचारी लतीफ खान की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। किला मैदान और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
जांच में सामने आए आरोपियों में परवेज नट और अभिषेक राजवंशकार शामिल हैं, जो नागटोरिया क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने मंगलवार शाम को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया।
मामले को लेकर थाना प्रभारी जनक सिंह दांगी ने बताया कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य वायरल वीडियो की जांच जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डोहेला महोत्सव जैसे आयोजन समाज में सांस्कृतिक जुड़ाव और एकता को बढ़ावा देने के लिए होते हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। अब प्रशासन भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने पर जोर दे रहा है।
कुल मिलाकर, खुरई पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
संवाददाता:- स्वाति रजक

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