भोपाल की सड़कों पर उतरे मंत्री-सांसद और भाजपा कार्यकर्ता, महिला आरक्षण बिल गिरने के विरोध में पद यात्रा के साथ सागर सांसद लता वानखेड़े ने भरी हुंकार

लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल पास नहीं हो पाने के विरोध में मध्य प्रदेश बीजेपी ने सोमवार को जन आक्रोश महिला पद यात्रा निकाली। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत मंत्री- सांसद और बीजेपी महिला मोर्चा की नेता-कार्यकर्ता शामिल हुईं।

पद यात्रा भोपाल के एमवीएम कॉलेज ग्राउंड से लोक भवन होते हुए रोशनपुरा चौराहे पहुंची। यहां मुख्यमंत्री ने काले गुब्बारे उड़ाकर इसका समापन किया।

इससे पहले हुई सभा में मुख्यमंत्री यादव ने कहा- नारी सब भूल सकती है लेकिन अपना अपमान कभी नहीं भूलती। कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिलाओं के अधिकार का बिल गिरने पर खुशियां मनाईं। जश्न मनाया। हम बहनों के अधिकार को कुचलने के खिलाफ विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर निंदा प्रस्ताव पारित करेंगे।

  • मुख्यमंत्री ने कहा- प्रियंका गांधी बड़ी-बड़ी बातें करती थीं कि मैं नारी हूं, लड़ सकती हूं। लेकिन वह बड़ी-बड़ी बातें कहां गईं, जब आपने बहनों के अधिकारों को फांसी देने का काम किया। राहुल गांधी के पिताजी ने भी 40 साल पहले तीन तलाक लागू कर बहनों के अधिकारों पर डाका डाला था। यही कांग्रेस का अतीत है।
  • बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा- जब मौका लगे, तब बहनें अपना आक्रोश दिखाएं। कांग्रेस के नेताओं से पूछे कि बहनों को अपमानित करने का अधिकार आपको किसने दिया? कांग्रेसियों के घर जाकर पूछें कि जो बहन आपके घर की शोभा बढ़ाती है, जिस मां ने आपको जन्म दिया, उनके सपनों को चूर-चूर करने का हक किसने दिया? बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे ने कहा- कांग्रेस के नेताओं ने संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम गिराकर जश्न मनाया, यह महिलाओं के अपमान का प्रतीक था। मातृ शक्ति इस अपमान का जवाब देगी। अब याचना नहीं, रण होगा।
  • पंचायत राज्यमंत्री राधा सिंह, अपनी बेटी अंजलि सिंह के साथ जन आक्रोश महिला पदयात्रा में शामिल हुई। उन्होंने कहा- आजादी के इतने सालों बाद भी हमें अपने हक के लिए लड़ना पड़ रहा है। राहुल गांधी को शर्म आना चाहिए कि उन्होंने बहनों का साथ नहीं दिया। मंत्री प्रतिमा बागरी ने कहा- कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों ने महिलाओं को हक देने का विरोध किया है। हम सड़कों पर उतरकर उसका विरोध कर रहे हैं।
  • सागर लोकसभा सीट से सांसद लता वानखेड़े ने कहा- ये केवल बिल नहीं, बल्कि महिलाओं के पंचायत से पार्लियामेंट तक पहुंचने का दरवाजा था, जिसे कांग्रेस और इंडी गठबंधन ने बंद कर दिया। विपक्ष को महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं चाहिए। ये वही लोग हैं, जो मंच पर महिलाओं की बात करके बड़ी-बड़ी घोषणाएं करते हैं। लेकिन इनकी सोच है कि महिलाएं सिर्फ भीड़ का हिस्सा रहें। तालियां बजाएं, नेतृत्व न करें।