बस स्टैंड पर स्थानीय लोगों का धरना-प्रदर्शन, विद्यार्थी-महिलाएं और व्यापारी हुए एकजुट, शैक्षणिक संस्थाओं का दिया हवाला...
नरसिंहपुर के नए बस स्टैंड इलाके में प्रस्तावित शराब दुकान को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों, महिलाओं और छात्र-छात्राओं ने एक सुर में प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यहां नई शराब नहीं खोलने देने को लेकर स्थानीय लोग और महिलाएं लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रशासन से मांग है कि यहां स्कूल, कॉलेज, एसडीएम कार्यालय जाने के लिए मुख्य मार्ग है। यहां शराब दुकान खुलने से असामाजिक तत्वों को जमावड़ा लगेगा और नागरिक खासकर महिलाएं और बच्चे यहां से निकल नहीं पाएंगे।
असुरक्षित शैक्षणिक माहौल:
प्रस्तावित दुकान के पास ही शासकीय पॉलिटेक्निक, आईटीआई कॉलेज और एसडीएम कार्यालय, स्कूल स्थित हैं। हजारों छात्र-छात्राएं इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। छात्राओं ने स्पष्ट रूप से असुरक्षा की भावना व्यक्त की है।
हालिया घटना का असर:
क्षेत्र में नशेड़ियों द्वारा छात्राओं से छेड़छाड़ की हालिया घटनाओं ने आग में घी डालने का काम किया है। अभिभावकों और छात्राओं का कहना है कि शराब दुकान खुलने से माहौल और भी ज्यादा खराब होगा।
व्यापारियों की चिंता:
स्थानीय दुकानदारों का तर्क है कि शराब दुकान से क्षेत्र में आए दिन विवाद और अव्यवस्था बढ़ेगी, जिसका सीधा नकारात्मक असर उनके व्यापार पर पड़ेगा। इसलिए प्रशासन को यहां का माहौल खराब नहीं होने देना चाहिए और ये शराब दुकान यहां नहीं खोली जाए ये मांग हमारी है।
प्रशासन को ज्ञापन सौंपा:
विरोध की गूंज अब शासन के गलियारों तक पहुंच चुकी है। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय विधायक, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपकर इस दुकान को तुरंत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
संवाददाता- कुणाल कुर्मी

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