बंडा-खुरई के ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर नहीं खुल रहे स्कूल, कहीं ताला तो कहीं पर एक शिक्षिका मिली
शिक्षा विभाग द्वारा गर्मी के मौसम को देखते हुए स्कूलों के समय में परिवर्तन कर शिक्षकों को समय पर उपस्थित होने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं परंतु ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी शिक्षक ढर्रे पर ही चल रहे हैं। टीम ने सुबह 8 बजे शासकीय प्राथमिक शाला काटी और सुबह 8-10 बजे रीछई का निरीक्षण किया तो शाला बंद मिली। वहां पर न तो शिक्षक मिले और न ही बच्चे। रीछई निवासी चाली राजा ने बताया कि स्कूल तो रोज 10 बजे ही खुलता है।
प्राथमिक शाला बगपुरा भी बंद मिला। ग्रामीण संजय प्रजापति ने बताया कि अभी स्कूल नहीं खुला है, शिक्षक देर से आएंगे। शासकीय माध्यमिक शाला पजनारी रसोईया द्वारा खोल दिया था परंतु शिक्षक 8:30 तक नहीं पहुंचे। प्राथमिक शाला का ताला भी नहीं खुला था। खोजमपुर प्राइमरी स्कूल में 8.55 पर केवल शिक्षिका अंजलि ताम्रकार ही उपस्थित मिली। प्राथमिक शाला मगरधा में सुबह 9.20 पर केवल अतिथि शिक्षिका अनामिका राय ही उपस्थित मिली, बाकी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे। नवागत कलेक्टर प्रतिभा पाल द्वारा जिले की कमान संभालते ही शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान देते हुए अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए थे। इसी संबंध में टीम ने गुरुवार को ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था को देखने स्कूलों का निरीक्षण किया। जिसमें यह स्थिति सामने आई कि शिक्षक किस प्रकार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को ठेंगा दिखा रहे हैं। इस संबंध में बीआरसी मंतराम अहिरवार को जानकारी दी तो उनका कहना था कि संबंधितों पर कार्रवाई की जाएगी।

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